भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती ने कहा कि अवैध भवनों की जिम्मेवारी लेने से प्रदेश सरकार भाग नहीं सकती। प्रदेश सरकार ने अवैध भवनों को नियमित करने के लिए टीसीपी संशोधन विधेयक विधानसभा में पारित किया है।
ऐसे में सरकार को चाहिए कि वह विधेयक में लगाई गई सबसे बड़ी संरचनात्मक मजबूती प्रमाण पत्र की कंडीशन को हटाकर अवैध भवनों की जिम्मेवारी खुद ले। प्रदेश में अधिकांश भवन ऐसे हैं जो सालों पुराने हैं। इन भवनों का नक्शा न तो वास्तुकारों ने बनाया है और न ही यह किसी इंजीनियर की देखरेख में बने हैं।
संरचनात्मक मजबूती प्रमाण पत्र की शर्त लागू किए जाने से आज कांग्रेस सरकार का दोहरा चेहरा जनता के सामने आया है। पहले तो कांग्रेस सरकार ने अवैध भवन मालिकों को विश्वास में लेने के लिए भवन नियमित करने की फीस को बढ़ा दिया जब भाजपा विधायक सुरेश भारद्वाज ने इसका विरोध किया तो दबाव में आ कर इसमें संशोधन किया गया।
राज्यपाल से मिलेगी कसुम्पटी की जनता
कसुम्पटी भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष राजेंद्र चौहान ने कहा कि मर्ज एरिया ढली, चम्याणा, मल्याणा, कसुम्पटी, पटयोग, विकास नगर, टुटू जैसे क्षेत्रों को नगर निगम में शामिल किया गया है। जब यह क्षेत्र पंचायतों में थे, उस समय से इन भवनों का निर्माण हुआ है। संरचनात्मक मजबूती प्रमाण पत्र की यह बड़ी शर्त लागू किए जाने से जनता को परेशानी होगी। कसुम्पटी भाजपा का प्रतिनिधि मंडल इस बारे राज्यपाल से मिलेगा।