शिमला-रामपुर एनएच नारकंडा में बहाल, रोहड़ू और चौपाल के आवाजाही बंद
रामपुर-लुहरी मार्ग पर भूस्खलन, खिड़की में फंसी एचआरटीसी बस
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। जिले में दो दिनों से जारी भारी बारिश और बर्फबारी के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है। एनएच-5 समेत जिला के कई मार्ग शुक्रवार दिनभर यातायात के लिए बंद रहे। हालांकि, नेशनल हाईवे को शाम तक बहाल कर दिया गया है।
भारी बारिश और बर्फबारी के कारण शुक्रवार को एचआरटीसी के 100 रूट फेल हो गए। इससे लोगों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ा है। शिमला-चौपाल मार्ग पर वाहनों की आवाजाही अवरुद्ध है। चौपाल में बर्फबारी के कारण लोकल रूट भी ठप हैं। शिमला रोहड़ू मार्ग खड़ापत्थर में बर्फबारी के कारण अवरुद्ध हो गया है। तारादेवी डिपो के करीब 80 रूट फेल हुए हैं। बर्फबारी और बारिश की वजह से डिपो की कोई भी बस न ही शिमला से अपर शिमला के लिए भेजी गईं और न ही अपर शिमला से शिमला पहुंचीं।
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बस यात्री और चालक-परिचालक फॉर बाई फॉर वाहन भेजकर निकाले
वीरवार रात को बर्फबारी के कारण शिमला-चौपाल बस खिड़की के पास फंस गई। उस समय बस में 7 से 8 यात्री और चालक-परिचालक सवार थे। मामले की सूचना प्रशासन को मिली जिसके बाद देर रात को फॉर बाई फॉर वाहन भेजकर यात्रियों को सुरक्षित निकाला गया। इसी तरह शिमला ग्रामीण और लोकल डिपो के 20 रूट प्रभावित हुए। एचआरटीसी तारादेवी के आरएम पंकज ठाकुर ने बताया कि बारिश और बर्फबारी के कारण 80 रूट प्रभावित हुए हैं। मार्ग बंद होने के कारण ग्रामीण क्षेत्रों से भी बसें नहीं आ पाईं।
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बस स्टॉपेज पर घंटों खड़े रहे लोग, नहीं मिलीं बसें
शिमला से अपर शिमला के लिए बसों की आवाजाही नहीं होने से यात्रियों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। हालत यह थी की लोग शिमला समेत ग्रामीण क्षेत्रों में घंटों तक बसों का इंतजार करते रहे। मजबूर में लोगों को टैक्सी और निजी वाहनों से गंतव्य के लिए रवाना होना पड़ा। इसमें ग्रामीण क्षेत्रों से शिमला आने वाले वे लोग भी शामिल थे जिन्हें अपने बच्चों को स्कूल भेजना था। सर्दी की छुट्टी के बाद निजी स्कूल खुल रहे हैं। जनोग के रहने वाले राकेश ने बताया कि उन्हें जरूरी काम से घर जाना था। इसके लिए वह एक घंटा आईजीएमसी बस स्टॉपेज पर खड़े रहे लेकिन एचआरटीसी की बस नहीं मिली। इसके बाद वह लिफ्ट लेकर गंतव्य के लिए रवाना हुए।