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शिमला: अब आरकेएमवी में भिड़ीं छात्राएं, गाली-गलौज के बाद हाथापाई

Fri, 29 Oct 2021 12:10 PM IST
अरविन्द ठाकुर अमर उजाला ब्यूरो, शिमला

सार

एबीवीपी की आरकेएमवी इकाई अध्यक्ष नेहा और सचिव हर्षिता ने कहा कि एसएफआई हर परिसर में माहौल खराब करने का प्रयास कर रही है।
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आरकेएमवी शिमला - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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छात्र संगठनों के बीच शुरू हुई हिंसक घटनाएं रुक नहीं रहीं। अब आरकेएमवी शिमला में एसएफआई और एबीवीपी की छात्रा कार्यकर्ताएं आपस में उलझ गईं। गाली गलौज और हाथापाई का आरोप दोनों ओर से लगा है। एसएफआई की कॉलेज इकाई का आरोप है कि एबीवीपी की कार्यकर्ताओं ने उनके पोस्टर फाड़े और रोकने पर एसएफआई की कार्यकर्ताओं के साथ गाली गलौज और हाथापाई भी की।

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इसमें बाहर से आई एबीवीपी कार्यकर्ता शामिल रहीं। इकाई सचिव मुस्कान ने कहा कि एबीवीपी कॉलेजों का माहौल खराब करने का प्रयास कर रही है। बीते रोज वायरल हुए एबीवीपी की मनुवादी सोच के वीडियो में लड़कियों पर की गई टिप्पणी को लेकर परिसर में लगाए गए पोस्टर को एबीवीपी की कार्यकर्ताओं ने फाड़ा।

मुस्कान ने कहा कि कॉलेज प्रशासन को पहले से सूचित किया गया था कि एबीवीपी परिसर में माहौल खराब करने का प्रयास कर रही है। आउटसाइडर परिसर में प्रवेश कर रहे हैं। इकाई अध्यक्ष रितु ने बयान में इस तरह की घटनाओं की निंदा की और प्रशासन से मांग उठाई कि बाहरी कार्यकर्ताओं के प्रवेश पर पाबंदी लगाई जाए।
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एबीवीपी ने कहा, माहौल खराब कर रही एसएफआई 
एबीवीपी की आरकेएमवी इकाई अध्यक्ष नेहा और सचिव हर्षिता ने कहा कि एसएफआई हर परिसर में माहौल खराब करने का प्रयास कर रही है। गुरुवार को कैंपस में काई हाथापाई नहीं हुई, एबीवीपी के बढ़ते आधार को देखते हुए एसएफआई एबीवीपी को बदनाम करने का प्रयास कर रही है। 

नर्सिंग छात्राओं ने वापस लिया प्रदर्शन
संजौली के साथ लगते क्षेत्र कमला नगर स्थित शिमला वैली नर्सिंग कॉलेज की प्रशिक्षु छात्राओं की समस्या का प्रबंधन ने निपटारा करने का दावा किया है। चेयरमैन आरके शांडिल ने कहा कि प्रशिक्षु नर्सें कुछ लोगों के बहकावे में आकर यह प्रदर्शन कर रही थी। अब सभी प्रशिक्षु नर्सों ने प्रदर्शन वापस ले लिया है। सोमवार को छात्राओं ने प्रबंधन के खिलाफ सड़क पर बैठकर प्रदर्शन कर नारेबाजी की थी। प्रशिक्षुओं ने प्रबंधन पर खाने का अतिरिक्त शुल्क लेने को लेकर आरोप लगाया था।

कहा था कि शुल्क अदा न करने पर प्रबंधन उन्हें प्रैक्टिकल परीक्षा में फेल करने की धमकी दे रहा है। छात्राओं की क्लीनिकल ड्यूटियां चल रही थीं तो शाम साढ़े छह बजे के वक्त डिनर दिया जाता था, लेकिन कुछ प्रशिक्षु यहां खाना न खाकर साथ ले जाती थीं। ऐसे में कॉलेज प्रबंधन उनसे अतिरिक्त शुल्क देने की मांग कर रहे था। 

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