सरकार राज्य की हजारों सहकारी सभाओं के कामकाज की जांच करेगी। इसमें कायदे-कानून ताक पर रखने वाली को-ऑपरेटिव सोसाइटी नपेंगी। सरकार कई सभाओं की कार्यशैली ठीक नहीं होने की शिकायतों पर गंभीर है। सरकारी सहायता का दुरुपयोग करने वाली तमाम सभाओं पर सख्ती की जाएगी। सरकार ने तमाम सभाओं के रिकार्ड को खंगालने की तैयारी की है।
हिमाचल प्रदेश के सहकारिता निदेशालय के तहत हजारों सभाएं पंजीकृत हैं। इनमें तमाम तरह के व्यवसाय से जुड़ी सहकारी सभाएं हैं। प्रदेश में बडे़ बैंकों का रूप धारण कर चुकी कुछ सभाएं भी इस सहकारिता विभाग के दायरे में आती हैं। इनके अतिरिक्त दुग्ध
उत्पादन, कृषि कार्यों आदि से लेकर तमाम छोटे-बड़े कामकाज में जुड़ी सभाएं भी इनमें आती हैं। इन्हें कई सरकारी योजनाओं का भी लाभ मिलता रहता है। इनके चुनाव और क्रियाकलाप सरकार की ओर से बनाए गए कायदे-कानूनों के तहत होते हैं। इसमें कई सहकारी सभाओं में बडे़ स्तर पर अनियमितताओं की भी शिकायतें आ रही हैं।
सहकारी सभाओं के कामकाज की छानबीन की जाएगी। इनकी कार्यशैली को बेहतर बनाया जाएगा। इनकी जवाबदेही भी तय होगी। जल्द इस बारे में समीक्षा होगी। -कर्ण सिंह, सहकारिता मंत्री