शिमला की लाइफलाइन सर्कुलर रोड फिर खतरे की जद में आ गया है। सड़क का आधे से ज्यादा डंगा पूरी तरह से ढह गया है।
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राजधानी शिमला की लाइफलाइन सर्कुलर रोड फिर खतरे की जद में आ गया है। सड़क का आधे से ज्यादा डंगा पूरी तरह से ढह गया है। डंगा ध्वस्त होने से कभी भी पूरी सड़क ढह सकती है। इधर, बची हुई सड़क में भी दरारें बढ़ती जा रही हैं। इस सड़क से वाहनों की आवाजाही बदस्तूर जारी है।
जानकारी के मुताबिक लिफ्ट के पास सर्कुलर रोड पर अभी खतरा टला नहीं है। पिछले मंगलवार को अचानक सड़क में दरारें आने से डंगे की नींव हिल गई। बुधवार को करीब तीन फुट डंगा बैठ गया। सोमवार सुबह तो डंगा पूरी तरह से ध्वस्त हो गया।
डंगे के ध्वस्त होने से सड़क का बचा हुआ भाग भी ढहने के कगार पर है, सड़क के बचे हुए भाग से मौजूदा समय में वाहनों की आवाजाही हो रही है, जो खतरनाक हो सकती है। जानकारों का कहना है कि सड़क के साथ बन रही पार्किंग के कारण ही सड़क की नींव हिली है।
2014 में डेढ़ महीने तक वाहनों की आवाजाही हुई थी ठप
दिसंबर 2014 में भी सड़क किनारे डंगा गिर गया था। यातायात को बहाल करने के लिए लोक निर्माण विभाग ने उसी ठेकेदार से डंगा लगवाया जो सड़क के साथ बहुमंजिला पार्किंग का निर्माण कर रहा है।
लेकिन जल्दबाजी में हुआ निर्माण ज्यादा दिन नहीं टिक पाया और कुछ दिनों बाद ही मार्च 2015 में नए बने डंगे की नींव बैठ गई और सड़क का ढंगा ढह गया। इस कारण करीब डेढ़ महीने तक इस सड़क से वाहनों की आवाजाही बंद कर दी गई थी।
शिमला लोक निर्माण विभाग के तहत डिवीजन एक के अधिशासी अभियंता अयूब चौधरी का कहना है कि सड़क को सुरक्षित करने का कार्य पार्किंग के ठेकेदार द्वारा किया जा रहा है।