फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Republic Day 2023: एडीजीपी अटवाल, डिप्टी कमांडेंट जनरल तोमर को उत्कृष्ट सेवाओं के लिए राष्ट्रपति मेडल

Wed, 25 Jan 2023 10:05 PM IST
अरविन्द ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला

सार

बेहतरीन सेवाओं और सराहनीय कार्य के लिए अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजीपी) सतवंत अटवाल और डिप्टी कमांडेंट जनरल (होमगार्ड) अनुज तोमर को राष्ट्रपति मेडल से पुरस्कृत करने की घोषणा की है।
विज्ञापन
1 of 5
एडीजीपी सतवंत अटवाल त्रिवेदी - फोटो : अमर उजाला
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बेहतरीन सेवाओं और सराहनीय कार्य के लिए अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजीपी) सतवंत अटवाल और डिप्टी कमांडेंट जनरल (होमगार्ड) अनुज तोमर को राष्ट्रपति मेडल से पुरस्कृत करने की घोषणा की है। डीएसपी एफएसएल जुन्गा राहुल शर्मा, असिस्टेंट कमांडेंट प्रथम सशस्त्र वाहिनी जुन्गा जितेंद्र सिंह, उप निरीक्षक प्रथम सशस्त्र वाहिनी जुन्गा इंद्र दत्त और राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार रोधी ब्यूरो के मुख्य आरक्षी सुशील कुमार का सराहनीय सेवा पदक के लिए चयन हुआ है। गणतंत्र दिवस से एक दिन पहले केंद्र सरकार ने इनके नामों का चयन किया है। अग्निशमन विभाग के स्टेशन दमकल अधिकारी नितिन धीमान और उप अग्निशमन अधिकारी प्रेम सिंह सराहनीय सेवाओं के लिए पदक से पुरस्कृत होंगे। कंपनी कमांडेंट होमगार्ड के रोबिन और वरिष्ठ पलाटून कमांडेंट होमगार्ड सुनील दत्त को भी पदक से नवाजा जाएगा। 

आतंकवाद विरोधी जांच में उत्कृष्ट कार्य कर चुकी हैं अटवाल
1996 बैच के आईपीएस अधिकारी अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक विजिलेंस सतवंत अटवाल त्रिवेदी को वर्ष 2012 में सराहनीय सेवाएं के लिए भी प्रतिष्ठित पुलिस पदक से नवाजा जा चुका है। त्रिवेदी ने कहा कि उन्होंने सेवाओं के दौरान कई आतंकवाद विरोधी जांचें की हैं। आतंकी मामले और एनआईए में प्रशिक्षण और नीति निर्माण में भी शामिल रही हैं। बीएसएफ  में सेवाओं के दौरान उन्होंने आईजी के रूप में प्रतिष्ठित इंटेलिजेंस विंग का नेतृत्व किया है। वह बांग्लादेश सीमा के लिए नोडल डीआईजी थीं। इसके अलावा सीमा सुरक्षा बल में पहली बार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित डिजिटल इंटेलिजेंस ट्रैकिंग सिस्टम लागू किया। उनकी बेदाग और अनुकरणीय सेवाओं को देखते हुए गणतंत्र दिवस 2023 के अवसर पर विशिष्ट सेवाओं के लिए राष्ट्रपति पदक के लिए चुना गया है।
विज्ञापन

2 of 5
डिप्टी कमांडेंट जनरल (होमगार्ड) अनुज तोमर - फोटो : अमर उजाला
वायु सेना में सेवाएं दे चुके हैं डिप्टी कमांडेंट जनरल तोमर 
डिप्टी कमांडेंट जनरल (होमगार्ड) अनुज तोमर ने कहा कि उन्होंने वायु सेना में सेवाएं दी हैं। उनके पास मुख्य अग्निशमन अधिकारी का भी अतिरिक्त कार्यभार रहा है। अग्निशमन का प्रशिक्षण संस्थान जुन्गा में एक निजी भवन में चलता था, इसके लिए सरगीण में सरकारी जमीन तलाशी गई। यहां आधुनिक उपकरण स्थापित किए गए। अब यह आपदा संबंधित प्रशिक्षण दिया जा रहा है। सेना में रहते हुए उन्हें बेहतरीन कार्य किए हैं। अब उन्हें राष्ट्रपति पदक से सम्मानित किया जाएगा।
विज्ञापन

3 of 5
सब फायर ऑफिसर प्रेम सिंह - फोटो : संवाद
ब्यास नदी में फंसे पर्यटक को रेस्क्यू कर निकाला था सुरक्षित 
पर्यटन नगरी मनाली में अग्निशमन विभाग में तैनात सब फायर ऑफिसर प्रेम सिंह ने जुलाई 2022 को मनाली में ब्यास नदी में फंसे एक पर्यटक को रेस्क्यू किया था। हरियाणा के रहने वाला सैलानी बरसात के मौसम में आई बाढ़ से ब्यास में फंस गया था। तभी अग्निशमन विभाग मनाली के सब फायर ऑफिसर प्रेम सिंह ने नदी में जाकर अपनी जान की परवाह किए बगैर सैलानी को बचाया था। प्रेम सिंह ने अग्निशमन सेवा मेडल मिलने पर खुशी जताई है। उन्हें सराहनीय सेवाओं के लिए पदक से सम्मानित किया जाएगा। 

4 of 5
फायर अफसर नितिन धीमान - फोटो : अमर उजाला
पुल के नीचे फंसे व्यक्ति को रस्सों से निकाला था सुरक्षित 
अग्निशमन केंद्र ऊना में तैनाती के दौरान फायर अफसर नितिन धीमान ने सोमभद्रा नदी के पुल के नीचे फंसे एक व्यक्ति को रस्सों के सहारे 19 अगस्त 2020 को सुरक्षित निकाला था। अग्निशमन विभाग ऊना के दल-बल की कमांड करते हुए नितिन धीमान ने रस्सों और लाइफ जैकेट की सहायता से व्यक्ति को सुरक्षित निकाला था। नितिन धीमान अग्निशमन विभाग में वर्ष 1997 में बतौर फायरमैन भर्ती हुए थे। वर्तमान में अधिकारी ऊना के अग्निशमन केंद्र में सेवाएं दे रहे हैं। कहा कि वह शिमला, धर्मशाला, जसूर, देहरा व ऊना में रहते हुए लोगों के जानमाल को बचाने का कार्य कर चुके हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
डीएसपी जितेंद्र सिंह - फोटो : अमर उजाला
हत्या और अपहरण कर्ताओं को पहुंचाया था सलाखों के पीछे
डीएसपी जितेंद्र सिंह ने बद्दी में सेवाएं प्रदान करने के दौरान हत्या, अपहरण, एनडीपीएस एक्साइज एक्ट, वन संरक्षण अधिनियम की वारदातों में संलिप्त आरोपियों को सलाखों तक पहुंचाया। 2013 में उन्होंने डीजीपी डिस्क अवार्ड हासिल किया था। अब इन्हें सराहनीय सेवाओं के लिए पदक से सम्मानित किया जा रहा है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें