हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने तहबाजारियों के लिए शिकायत निवारण तंत्र बनाए जाने के आदेश दिए हैं। अदालत ने राज्य सरकार को आदेश दिए हैं कि वह मामले की अगली सुनवाई में इसके गठन के संबंध में अदालत को बताएं। मुख्य न्यायाधीश एमएस रामचंद्र राव और न्यायाधीश अजय मोहन गोयल की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई 6 अक्तूबर निर्धारित की है। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि तहबाजारियों के चुनाव 25 सितंबर को निर्धारित किए गए हैं। अदालत के तहबाजारियों के पक्ष में दिए अंतरिम आदेशों को बढ़ाते हुए यह आदेश दिए। अदालत ने आदेश दिए थे कि तहबाजारियों को हटाने से पहले 30 दिनों का नोटिस जारी किया जाए।
अदालत ने आदेशों में स्पष्ट किया था कि जिन तहबाजारियों को हटा दिया गया है, उन्हें भी 30 दिनों का नोटिस जारी किया जाए। बता दें कि शिमला के लोअर बाजार से एक घायल महिला को आईजीएमसी ले जा रही 108 एंबुलेंस बाजार में फंस गई थी। सड़क पर सजी दुकानों के कारण एंबुलेंस करीब 20 मिनट तक फंसी रही। अमर उजाला में प्रकाशित खबर पर हाईकोर्ट ने संज्ञान लिया है। इससे पहले वर्ष 2014 में प्रकाशित खबर पर हाईकोर्ट ने आदेश दिए थे कि पूरे शिमला में किसी भी दुकानदार को गली के किनारों पर सामान को प्रदर्शित करने की अनुमति नहीं होगी। दुकान के आगे तिरपाल लगाने नहीं दिया जाएगा। नगर निगम अधिनियम की धारा 227 में दिए प्रावधानों के तहत अतिक्रमणकारियों के लाइसेंस रद्द किए जाएं।
प्रदेश हाईकोर्ट में विभिन्न पदों पर 30 तक करें आवेदन
वहीं, हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय शिमला की ओर से स्टेनोग्राफर, ट्रांसलेटर उर्दू व पंजाबी, सहायक प्रोग्रामर, लिपिक और ड्राइवर समेत सफाई कर्मचारी, माली की भर्ती की जा रही है। जिला रोजगार अधिकारी सोलन संदीप ठाकुर ने बताया कि इन पदों के लिए उम्मीदवार 30 सितंबर तक आवेदन कर सकते हैं। अधिक जानकारी प्रदेश उच्च न्यायालय शिमला की आधिकारिक वेबसाइट http://www.hphcrecruitment.in से प्राप्त की जा सकती है।