ग्रामीण क्षेत्रों की सड़क कब मुसीबत बन जाए, पता नहीं। ऊना से बारात लेकर पहुंचे दूल्हे को सड़क ने धोखा दे दिया। नई नवेली दुल्हन को कीचड़ से सनी सड़क में पैदल मार्च करना पड़ा। दूल्हा भी साथ चला। बारातियों को रात सड़क पर ही काटनी पड़ी। वाक्या परागपुर की विल्बां पंचायत का है।
यहां ऊना से एक मार्च को बारात पहुंची। शादी की रस्में पूरी हुईं दूल्हा अपनी दुल्हन को लंबी कार में बिठाकर वापस चल पड़ा। बारिश भी हो रही थी। बारात लोअर दड़ब के बड़ा गलू नामक स्थान पर पहुंची। सड़क की हालत पहले ही खस्ता थी। बारिश से सड़क में कीचड़ भर गया था।
कीचड़ में फंस गई सभी गाड़ियां
सबसे आगे चल रही दूल्हे की कार कीचड़ में जवाब दे गई। देखते ही देखते दूसरी गाड़ियों के पहिये भी कीचड़ में फिसलने शुरू हो गए। काफी कोशिश करने के बाद भी दूल्हे सहित दूसरी गाड़ियां आगे नहीं बढ़ सकीं। दूल्हे के घर में गृह प्रवेश की रस्में होनी थीं, लेकिन गाड़ी आगे नहीं बढ़ रही थी।
कोई चारा न रहने पर दूल्हा और दुल्हन को बाहर उतार दिया गया। रिश्तेदारों के साथ दोनों एक किमी पैदल चले और वहां से किराये की गाड़ी में ऊना के नारी गांव के लिए रवाना हुए। दूसरे बाराती रात भर वहीं रहे। सुबह कुछ युवकों ने ट्रैक्टर की मदद से वाहनों को कीचड़ से बाहर निकाला।
सड़क की हालत बेहद खराब
लोअर दड़ब का एरिया ग्राम पंचायत बाड़ी में आता है। दो माह पहले ग्राम पंचायत बाडी ने लोगों की सुविधा के लिए रास्ते को पक्का करने का काम किया। सड़क की हालत खराब हो चुकी है। इसका खमियाजा दूल्हे और बारातियों को भुगतना पड़ा।
वहीं बारातियों ने कहा कि सरकार आए दिन दावे करती है कि ग्रामीण क्षेत्रों में इंफ्रास्ट्रक्चर सुधारा जाएगा लेकिन ऐसा कुछ होता नहीं दिखा रहा। राजनेता झूठे वादे कर लोगों को बेवकूफ बनाते हैं और पांच साल में कोई काम नहीं करते।