रफ्तार के शौकीनों के लिए 19वीं मारुति सुज़ुकी रेड डी हिमालय रैली सात अक्तूबर से शुरू होने जा रही है। यह मोटर स्पोर्ट मनाली से शुरू होगा। इस साल चुनौती बढ़ाते हुए रैली में नए रास्ते बनाए गए हैं।
रैली का समापन 14 अक्तूबर को लेह में होगा। प्रतिभागी आठ दिनों के दौरान दो हजार किलोमीटर का सफर तय करेंगे। हिमालय की वादियों में बसी मनाली के खूबसूरत नजारों के बीच शुरू होने वाली यह रैली दुनिया की सबसे एडवेंचरस रैलियों में एक है।
कारों का काफिला हिमालय के सबसे दुर्गम स्थानों काजा, सरचू, कारगिल और पेन्सी लॉ से गुजरेगा। रैली का पहला पड़ाव काजा में होगा। यह क्षेत्र 12,500 फुट की ऊंचाई पर मैदानी इलाका है। इसके बाद रैली सरचू के लिए रवाना होगी।
यहां से रैली लेह जाएगी। इस दौरान प्रतिभागी कठिनतम रास्तों से गुजरेंगे। यह रैली साहस और सहनशीलता की अग्नि परीक्षा मानी जाती है। रैली में शामिल होने वाले रफ्तार के शौकीनों को 17500 फुट की ऊंचाई और माइनस 15 डिग्री तक न्यूनतम तापमान का सामना करना पड़ेगा।
रैली में सुरेश राणा, संदीप शर्मा और सम्राट यादव के अलावा भारतीय सेना का 8 सदस्यीय दल भी रैली में उतरेगा। हिमाचल की शुची ठाकुर सहित 6 महिला प्रतिभागी भी दम दिखाएंगी। साहसिक श्रेणी में मुंबई से मनीशा भी रैली में शामिल होंगी।
दस बार के चैंपियन सुरेश राणा भी शामिल
रैली के 10 बार के विजेता रहे मनाली के सुरेश राणा ने बताया कि यह रैली मनुष्य के साथ मशीन के तालमेल का खेल है। इसके रास्ते के अचानक मोड़ों और खतरनाक परिस्थितियों से बच कर निकलने के लिए ड्राइवर को वाहन के अंदर-बाहर की सटीक जानकारी चाहिए। रैली न केवल शारीरिक सहनशीलता की परीक्षा है बल्कि यह दिमाग की मजबूती की भी परख है।
प्रदेश सरकार देगी हरसंभव सहयोग
रैली के सफल आयोजन के लिए मंगलवार को शिमला में युवा सेवाएं एवं खेल विभाग के प्रधान सचिव ओंकार शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में सुरक्षा मामलों से जुड़े मुद्दों तथा राज्य सरकार के सहयोग के बारे में विस्तृत चर्चा की गई। ओंकार शर्मा ने आयोजकों को आश्वस्त किया कि आयोजन को सफल बनाने के लिए प्रतिभागियों को हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा। इस अवसर पर हिमालयन मोटर स्पोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष विजय परमार ने आपात स्थिति में हेलीकॉप्टर की सुविधा अपेक्षित की।