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बिलासपुर: एम्स ने सोना बना दी कोठीपुरा की मिट्टी, जमीन के दामों में रिकॉर्ड तोड़ उछाल

Fri, 17 Sep 2021 04:14 PM IST
अरविन्द ठाकुर सरोज पाठक, अमर उजाला नेटवर्क, बिलासपुर

सार

एम्स के डेढ़ किलोमीटर दायरे के बाहर भी 50 हजार बिस्वा मिलने वाली जमीन अब 5 लाख रुपये की मिल रही है। एम्स शुरू होने से पहले इस क्षेत्र की जमीन के लिए कोई मार्केट नहीं थी।
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एम्स बिलासपुर। (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बिलासपुर में एम्स बनने से यहां की मिट्टी सोना बन गई है। एम्स शुरू होने से पहले कोठीपुरा में राष्ट्रीय राजमार्ग पर जमीन का दाम एक लाख रुपये प्रति बिस्वा था। गांव में जमीन की कीमत 25 हजार रुपये प्रति बिस्वा थी। अब यहां पर जमीन के दाम आसमान छू रहे हैं। एम्स के एक किलोमीटर के दायरे में ही 25 हजार से बढ़कर जमीन के दाम 12 लाख प्रति बिस्वा हो गए हैं।

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बिलासपुर के कोठीपुरा में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) 1351 करोड़ की लागत से बन रहा है। 3 अक्तूबर 2017 को पीएम नरेंद्र मोदी ने इसकी नींव रखी थी। हालांकि, इससे पहले ही इस स्थान पर एम्स की कवायद शुरू हो गई थी। इसके साथ ही यहां की जमीन की मार्केट वेल्यू भी बढ़ने लगी। 2008-10 में जो जमीन 25 से 50 हजार प्रति बिस्वा थी। 2021 तक उसी जमीन के दाम 12 लाख रुपये प्रति बिस्वा मिल रहे हैं। 

एम्स के डेढ़ किलोमीटर दायरे के बाहर भी 50 हजार बिस्वा मिलने वाली जमीन अब 5 लाख रुपये की मिल रही है। एम्स शुरू होने से पहले इस क्षेत्र की जमीन के लिए कोई मार्केट नहीं थी। लोग जमीन अगर मजबूरी में बेचते भी तो जमीन के 5 लाख प्रति बीघा मिलते थे। अब उसी जमीन की कीमत 2.40 करोड़ प्रति बीघा हो गई है।
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एम्स शुरू होने के बाद बढ़ी जमीन की कीमत
एम्स का निर्माण कार्य शुरू होने के बाद यहां जमीन की कीमत करोड़ों में हो गई है। एम्स के एक से डेढ़ किलोमीटर के दायरे में जमीन की कीमत 48 गुना बढ़ी है। - संदीप सांख्यान, रियल एस्टेट विशेषज्ञ

निजी स्तर पर जमीनों की खरीद फरोख्त के दामों को लेकर प्रशासन की कोई सहभागिता नहीं होती है। अगर सरकार ने भूमि का अधिग्रहण करना हो तो मानकों के अनुसार जमीन के दाम प्रशासन तय करता है, लेकिन निजी स्तर पर कौन कितने पैसे में जमीन बेचता है और कौन कितने में खरीदता है। यह निजी मामला होता है। - योगराज धीमान, कार्यकारी एसडीएम, बिलासपुर।

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