जनजातीय जिला लाहौल स्पीति, पांगी, भरमौर और किन्नौर जिलों में कार्यरत सरकारी कर्मचारियों को एक फीसदी कोटे के तहत अपने गृह जिला से दूसरी जगह तबादला कराना नुकसानदेह साबित हो सकता है। यदि किसी कर्मचारी ने इस कोटे के
तहत जनजातीय क्षेत्रों से तबादला करवाया तो प्रमोशन रुक सकता है। कर्मचारी को सेवाकाल में वरिष्ठता अपने जिला में सेवारत रहते हुए ही मिलेगी। हालांकि, लाहौल स्पीति जिला से डेढ़ दर्जन से अधिक शिक्षकों ने इस कोटे के तहत तबादले के लिए आवेदन किया है लेकिन किसी का अभी तबादला नहीं हुआ है।