सूबे के अस्पतालों में जुकाम-बुखार, दिल के रोगों और विटामिन, कैल्शियम सहित 56 तरह की दवाएं फरवरी से मुफ्त मिलेंगी। बैंडएज, कॉटन, सिरिंज, और ग्लब्ज भी मुफ्त मिलेंगे। स्वास्थ्य निदेशक डॉ. डीएस गुरंग ने इसकी पुष्टि की है। बीते वीरवार को राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में निशुल्क दवा नीति के तहत सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में मरीजों को 56 दवाओं और 10
उपभोगीय सामग्री को मुफ्त में प्रदान करने का निर्णय लिया गया। इसी कड़ी में शुक्रवार को अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य विनीत चौधरी ने स्वास्थ्य निदेशालय के अफसरों के साथ बैठक कर योजना को जल्द लागू करने के आदेश दिए। बताया जा रहा है कि
मंत्रिमंडल के आदेशों की अधिसूचना जारी होते ही दवाओं की खरीद की प्रक्रिया शुरू होगी। दवा खरीद के लिए स्वास्थ्य निदेशालय के पास बजट पहले से उपलब्ध है। संभावित है कि इस पूरी प्रक्रिया को जनवरी महीने में पूरा कर फरवरी पहले सप्ताह से ही निशुल्क दवा नीति को प्रदेश में लागू कर दिया जाएगा।
ये दवाएं मिलेंगी मुफ्त
मुफ्त में प्रदेश में वितरित की जाने वाली दवाओं में दिल की बीमारियों से जुड़ी दवा एटनोलोल, एमोलिडिपाइन और एनालपरिल के अलावा पैरासिटामोल, सिट्राजिन और ओआरएस भी शामिल है। मरीजों को टैबलेट, इंजेक्शन, क्रीम, सिरप और कैप्सूल दिए जाएंगे।
ये दवाएं मिलेंगी मुफ्त- सांस की बीमारी, गैस, कब्ज, सर्दी, जुकाम, खांसी, बुखार, विटामिन, बी कांप्लेक्स, एंटी इंफेक्शन, एंटी रैबिज वैक्सीन, ग्लूकोज, कैल्शियम, एंटी स्नेक इंजेक्शन, मूत्र से जुड़ी बीमारियां, खून को प्रभावित करने वाली बीमारियों की दवाएं मुफ्त में दी जाएंगी। अन्य सामान में बैंडएज, कॉटन, पोविडोन आयोडाइन सॉल्यूशन, सिरिंज विद निडल, ग्लब्ज, लियूकोप्लास्ट और वेन फ्लो भी उपलब्ध करवाया जाएगा।
डॉक्टरों को हिदायत- मरीज को गंभीर रोग होने की स्थिति और 56 दवाओं में संबंधित मरीज के मर्ज की दवा न होने की स्थिति में ही डॉक्टर अन्य दवाओं को लिख सकेंगे। सरकार ने डॉक्टरों को सख्त आदेश देते हुए पहले 56 तरह की दवाओं को ही प्राथमिकता देने के आदेश दिए हैं।