मुख्य संसदीय सचिव (पर्यटन) सुंदर सिंह ठाकुर।
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केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी स्वदेश दर्शन और प्रसाद योजनाओं के तहत हिमाचल में पर्यटन विकास के लिए करोड़ों के प्रोजेक्ट लाए जाएंगे। इसके लिए प्रदेश सरकार अंतरराष्ट्रीय परामर्शदाता कंपनी का सहयोग लेगी। 31 मार्च से पहले योजना को सिरे चढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की ओर से अनुमति मिलने के बाद मुख्य संसदीय सचिव (पर्यटन) सुंदर सिंह ठाकुर ने इसे लेकर तैयारी शुरू कर दी है। इसी कड़ी में सुंदर सिंह ठाकुर ने पर्यटन मंत्रालय के क्षेत्रीय निदेशक के साथ बैठक की।
उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत परियोजना विकास के प्रस्ताव अंतरराष्ट्रीय परामर्शदाता कंपनी के सहयोग से तैयार करवाए जाएंगे। पर्यटन स्थलों के लिए आवश्यकता के हिसाब से योजना का खाका तैयार होगा और हितधारकों से भी सलाह ली जाएगी। एप्पल और मेडिकल टूरिज्म को जोड़कर योजनाएं बनेंगी। सुंदर सिंह ठाकुर ने बताया कि स्वदेश दर्शन और प्रसाद योजनाओं के धरातल पर उतने के बाद प्रदेश में पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी। सैलानियों के लिए फाइव स्टार से लेकर बजट होटल विकसित होंगे जिससे रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
पूर्व सरकार की सुस्ती से हुआ नुकसान
सुंदर सिंह ठाकुर ने कहा कि पूर्व सरकार की सुस्ती से हिमाचल को केंद्र प्रायोजित योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाया। पर्वत माला परियोजना के तहत उत्तराखंड के लिए 23 रोप-वे प्रोजेक्ट स्वीकृत हुए जबकि हिमाचल के लिए महज सात प्रोजेक्ट स्वीकृत हो पाए हैं। इन पर भी काम शुरू नहीं हो पाया है।
योजना के लिए पर्यटन मंत्रालय उपलब्ध करवाता है बजट
स्वदेश दर्शन एवं प्रसाद योजनाओं के तहत केंद्र सरकार का पर्यटन मंत्रालय पर्यटन स्थलों को विकसित करने के लिए अलग अलग सर्किट तय कर ढांचागत सुविधाओं के साथ कनेक्टिविटी और अन्य जरूरी सुविधाओं के लिए बजट उपलब्ध करवाता है। प्रसाद योजना का उद्देश्य देश में धार्मिक पर्यटन का विकास करना है ताकि विदेशी सैलानियों की आमद में बढ़ोतरी हो सके।