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यूरो-4 बसों की अनिवार्यता में प्राइवेट ऑपरेटरों ने मांगी छूट

Mon, 15 Feb 2016 10:18 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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प्राइवेट बस ऑपरेटर यूनियन ने प्रदेश सरकार की ओर से यूरो-4 बसों की अनिवार्यता में छूट देने की मांग की है। प्राइवेट बस ऑपरेटरों का तर्क है कि यूरो-4 बसें अब तक डीलरों के पास उपलब्ध नहीं है, ऐसे में बस ऑपरेटरों के लिए यूरो 4 बसें लाना संभव नहीं है।
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रविवार को प्रेसवार्ता के दौरान यूनियन के अध्यक्ष जैसी राम शर्मा ने कहा कि ऑपरेटरों ने अपने परमिट परिवहन विभाग के पास जमा कर दिए हैं, विभाग की ओर से ऑपरेटरों को तीन महीने की मोहलत दी गई थी जिसका समय पूरा होने वाला है।

ऐसे में ऑपरेटरों को रूट परमिट रद्द होने का डर सता रहा है। शर्मा ने बताया कि प्राइवेट बस ऑपरेटर हजारों लोगों को रोजगार मुहैया करवा रहे हैं, अगर रूट परमिट रद्द हो जाते हैं तो बसें खड़ी होने से हजारों लोगों का रोजगार छिन जाएगा।
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बस ऑपरेटरों ने बताया कि हम अपनी बसें यूरो 4 में रिप्लेस करना चाहते हैं लेकिन डीलरों के पास बसें उपलब्ध न होने के कारण दिक्कत पेश आ रही है। ऑपरेटरों ने प्रदेश सरकार से यूरो 4 बसों की अनिवार्यता में मार्च 2016 तक छूट देने की मांग की है। इस मौके पर बस ऑपरेटर जय गोपाल राजटा और किशन कुमार भी मौजूद रहे।

रूट परमिट पर बेवजह विवाद
जैसी राम शर्मा ने कहा है कि आरटीओ ऑफिस की ओर से बसों को कायदे कानूनों के तहत ही रूट परमिट जारी किए जा रहे हैं। एचआरटीसी बेवजह रूट परमिट और टाइम टेबल पर विवाद कर रहा है। उन्होंने कहा कि एचआरटीसी टोकन टैक्स और एसआरटी का डिफाल्टर है। कोर्ट के आदेशों के बावजूद एचआरटीसी की बसें बिना रूट परमिट और टाइम टेबल के चलाई जा रही हैं।
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