राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का हिमाचल प्रदेश से गहरा नाता रहा है। कहने को तो वह पहली बार 1974 में कुल्लू मनाली के दौरे पर आए थे, लेकिन इसके बाद लगातार प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में आते रहे। 2012 के विधानसभा चुनाव के दौरान नाचन विधानसभा क्षेत्र के प्रभारी थे। इस दौरान वह करीब दो हफ्ते तक रहे और पंद्रह से ज्यादा पंचायतों का दौरा कर गांव-गांव जाकर लोगों से उस समय भाजपा प्रत्याशी रहे विनोद कुमार के लिए वोट मांगे थे।
विनोद उस चुनाव में पहली बार जीत हासिल कर विधानसभा पहुंचे थे। विनोद कुमार बताते हैं बेहद मीठे स्वभाव वाले कोविंद उस दौरान विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में भाजपा कार्यकर्ताओं के घर ही रुका करते थे। वह बिना तामझाम के कहीं भी आम कार्यकर्ताओं के बीच बैठ जाते थे। स्थानीय परंपराओं का भी वह पूरा सम्मान करते थे। एक कार्यकर्ता संतराम मोदी के घर रुके तो वहां स्थित घूघा मंदिर में पूजा अर्चन करने के बाद ही खाना खाया।
उनका यही मिलनसार व सभी का सम्मान करने वाला व्यवहार स्थानीय लोगों को अपनत्व देता था। उनकी जीत में कोविंद के परिश्रम ने अहम भूमिका अदा की थी। विधानसभा उपाध्यक्ष डॉ. हंसराज ने बताया कि राष्ट्रपति कोविंद से उनकी पहली मुलाकात तभी हुई थी। चूंकि, वह भी विनोद की ही तरह पहली बार चुनाव लड़ रहे थे। ऐसे में कोविंद ने उन्हें भी कार्यकर्ताओं, युवाओं और आम लोगों से जुड़ने के टिप्स दिए थे।