बीते साल केंद्र ने सभी बिजली मीटरों को प्रीपेड में बदलने की घोषणा की थी। नवंबर 2017 में केंद्रीय बिजली मंत्री ने कहा था कि केंद्र सभी घरों में प्रीपेड स्मार्ट मीटर को अनिवार्य करेगी। इसी कड़ी में अब हिमाचल बिजली बोर्ड ने प्रक्रिया शुरू की है।
प्रीपेड मीटर से लोग जरूरत के हिसाब से बिजली खर्च करेंगे, बचत ज्यादा होगी। इसमें घर-घर जाकर जो बिजली खपत रिकार्ड की जाती है, उसकी जरूरत नहीं होगी।
प्रीपेड मीटर से उन गरीब परिवारों को लाभ होगा जो एक बार में ज्यादा बिजली बिल देने की स्थिति में नहीं हैं। वे जरूरत के हिसाब से मीटर रिचार्ज कर सकेंगे। इलेक्ट्रानिक मीटर को प्रीपेड मीटर में बदलवाने के लिए उपभोक्ता को मीटर लागत और प्रोसेसिंग शुल्क चुकाना होगा।
अभी उपभोक्ताओं के घरों में बिजली के पोस्ट पेड मीटर लगे हुए हैं। इसमें रीडिंग से ज्यादा बिजली बिल मिलने की शिकायतें आती रहती हैं। कई क्षेत्रों में दो या तीन माह का बिल एक साथ मिलता है। बिल देने को लाइनों में लगना पड़ता है। प्रीपेड मीटर लगने के बाद इससे निजात मिलेगी। बिजली बोर्ड की भी मैन पावर बचेगी।
प्रदेश के सभी बिजली उपभोक्ताओं को प्रीपेड मीटर के माध्यम से सप्लाई देने की योजना है। राज्य विद्युत विनियामक आयोग को प्रीपेड मीटर लगाने का प्रस्ताव भेजा है। इन मीटरों के लगने से उपभोक्ताओं को भविष्य में लाभ होगा। जरूरत के हिसाब से लोग शुल्क अदा कर सकेंगे। - जेपी कालटा, प्रबंध निदेशक, हिमाचल बिजली बोर्ड