पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने रिटायर्ड इंजीनियरों से प्रदेश में जेई के पदों को भरने के सरकार के निर्णय का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जिस युवा शक्ति के समर्थन से 2012 में कांग्रेस सत्ता में आई थी, लगता है उसी युवा शक्ति को ठगने और प्रताड़ित करने का निर्णय प्रदेश सरकार ने ले रखा है।
धूमल ने कहा कि प्रदेश सरकार के पत्र संख्या पीडब्ल्यूई-126-1 (एक्सटेंशन) ई.एस.।।।-8953-83 दिनांक 2/9/2015 के अनुसार प्रदेश भर में जेई (सिविल) के 50 पदों को भरने का निर्णय लिया गया है। इन पदों को सेवानिवृत्त कनिष्ठ अभियंता (सिविल) को पुनर्नियुक्ति के माध्यम से भरा जाएगा।
धूमल ने कहा कि ऐसा लगता है कि सरकार सभी विभागों को टायर्ड और रिटायर्ड लोगों के माध्यम से चलाना चाहती है। सरकार ने बेरोजगारी भत्ता भी नहीं दिया। कौशल विकास भत्ते के नाम पर युवाओं को छला है। कहा कि प्रदेश में विकास कार्य पूरी तरह से ठप पड़े हैं। कहा कि सरकार इस निर्णय को वापस ले। उन्हें योग्यता और प्रतिस्पर्धा के आधार पर प्रशिक्षित पढ़े लिखे बेरोजगारों को शीघ्र रोजगार के अवसर देकर भरे।