सर्कुलर रोड को जल्द बहाल करने का आग्रह संवाद न्यूज एजेंसी शिमला। हिमलैंड के पास हुए भूस्खलन ने शहर की रफ्तार रोक दी है। इस वजह से खलीनी से टिंबर हाउस तक लोगों को पैदल सफर करना पड़ रहा है। इसका सबसे अधिक खामियाजा कमला नेहरू अस्पताल आने वाली गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों को झेलनी पड़ रहा है।
लोगों को खलीनी में जाम लगने के कारण और टाॅलैंड से आगे आवाजाही न होने के कारण करीब 300 की आवाजाही पैदल करनी पड़ रही है। लोगों ने मांग की कि इस सड़क को तुरंत बहाल किया जाए। सर्कुलर रोड पर हिमलैंड के पास वीरवार को भारी भूस्खलन हो गया था। इस वजह से बसों की आवाजाही ठप हो गई। रोजाना करीब दो सौ से तीन सौ महिलाएं रूटीन में उपचार के लिए ओपीडी में आती हैं। ऐसे में रोहड़ू, ठियोग, चौपाल, नेरवा, ढली, मशोबरा, पंथाघाटी, न्यू शिमला से आने वाली महिला मरीजों को खासी दिक्कतें झेलनी पड़ रही है। कई लोग शनिवार को वन मुख्यालय तक पहुंच गए लेकिन यहां पर पुलिस की ओर से लगाए गए बैरिकेड के चलते बाइक सवारों को वापिस भेजा गया।
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ओपीडी में उपचार करवाने के लिए महिला और उनके साथ आए बुजुर्गों को गाड़ियों से उतरकर पैदल आवाजाही करनी पड़ी। चौपाल के तिलक सिंह और ठियोग के रणवीर ने बताया कि मरीजों को पैदल आवाजाही करनी पड़ी। उन्होंने मांग की है कि इस सड़क को जल्द बहाल किया जाए जिससे कि आपात स्थिति में दिक्कतें पेश न आए।
आवाजाही के लिए रास्ता ठीक नहीं
हिमलैंड के पास से आवाजाही करने वाली सोलन की मीरा ने कहा कि यह रास्ता अभी आवाजाही के लिए ठीक नहीं है। इसे अभी बंद रखें। सिरमौर की बुजुर्ग महिला माठी ने बताया कि विकासनगर से बस में आई पर पता चला कि अब पैदल चलना पड़ रहा है। ऐसा पता होता तो अधिक किराया देकर दूसरी तरफ से बस स्टैंड आ जाते।