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HP Politics: प्रतिभा सिंह बोलीं- राहुल गांधी की आवाज को नहीं दबा सकती केंद्र सरकार

Tue, 28 Mar 2023 08:14 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला

सार

प्रतिभा सिंह ने राहुल गांधी को आवंटित सरकारी बंगला खाली करने के नोटिस पर भी हैरानी जताई और कहा कि केंद्र सरकार जिस जल्दबाजी में फैसले ले रही है, उससे साफ है कि भाजपा राहुल गांधी से डरी हुई है। 
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कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सांसद प्रतिभा सिंह ने आरोप लगाया है कि केंद्र सरकार अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के साथ राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से फैसले लेकर कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार राहुल गांधी की आवाज को नहीं दबा सकती। पूरी कांग्रेस राहुल गांधी के साथ खड़ी है।

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प्रतिभा सिंह ने राहुल गांधी को आवंटित सरकारी बंगला खाली करने के नोटिस पर भी हैरानी जताई और कहा कि केंद्र सरकार जिस जल्दबाजी में फैसले ले रही है, उससे साफ है कि भाजपा राहुल गांधी से डरी हुई है। उन्होंने कहा कि भाजपा के पास राहुल गांधी के सवालों का जवाब नहीं है और सवालों से बचने के लिए लोगों का ध्यान भटकाने के मकसद से यह सब किया जा रहा है।

प्रतिभा सिंह ने कहा कि देश में पहली बार किसी सांसद पर इस प्रकार की त्वरित कार्यवाही की गई है। मानहानि के मामले में दोषी ठहराने के तुरंत बाद लोकसभा की सदस्यता रद्द करने और उसके तीन दिनों के भीतर सरकारी बंगला खाली करने का फरमान जारी हुआ है। लोकतंत्र में एक चुने हुए सांसद के साथ इस प्रकार का व्यवहार बहुत ही निंदनीय है। कांग्रेस इसकी आलोचना करती हैं।
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उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सरकारें आती हैं, जाती हैं पर इस प्रकार के अहंकार में लिए गए निर्णय राजनीति में कदापि सही नहीं माने जा सकते। प्रतिभा सिंह ने कहा है कि देश देख रहा है कि राहुल गांधी के साथ राजनीतिक प्रतिशोध के लिए अन्याय किया जा रहा हैं। कांग्रेस इस अन्याय का डटकर मुकाबला करेगी।

राहुल को सुनाई सजा व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न : बुशैहरी
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता देवेंद्र बुशहैरी ने कहा है कि कांग्रेस पार्टी के सांसद राहुल गांधी को सूरत की न्यायिक कोर्ट द्वारा वर्ष 2019 में की गई एक टिप्पणी के लिए सुनाई गई सजा ने वर्तमान व्यवस्था पर एक प्रश्नचिह्न लगा दिया है। यह न केवल विपक्ष के लोकतांत्रिक अधिकारों पर बल्कि भारत के संविधान के दो स्तंभों लोकतंत्र और न्यायपालिका पर भी तीखा प्रहार है। उन्होंने कहा कि सूरत कोर्ट का फैसला आते ही राहुल गांधी को लोकसभा में अपना पक्ष रखने का मौका देने की बजाय उनकी संसद की सदस्यता समाप्त करने में दिखाई गई जल्दबाजी एक सोची समझी रणनीति है।

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