हिमाचल प्रदेश की लाहौल घाटी के यांगला गांव के समीप ब्रेन नाला में मंगलवार सुबह करीब 11:00 बजे साथ लगती पहाड़ी से हिमस्खलन हुआ। हिमस्खलन का बवंडर करीब पांच मिनट तक हवा में उठता रहा। हादसे में किसी तरह के जानमाल का कोई नुकसान नहीं हुआ है। उधर, लाहौल-स्पीति प्रशासन ने चंद्रावैली आने वाले पर्यटकों को आगाह किया है कि वह ऊपरी इलाकों का रुख न करें। अभी वहां की पहाड़ियों में बर्फ है। खराब मौसम और धूप खिलने पर पहाड़ियों से हिमस्खलन होता है। उपायुक्त लाहौल-स्पीति सुमित खिमटा ने कहा कि हिमस्खलन से किसी तरह का जानमाल का नुकसान नहीं हुआ है। उन्होंने घाटी के लोगों व पर्यटकों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
लाहौल हिमस्खलन की दृष्टि से संवेदनशील
बता दें लाहौल-स्पीति हिमस्खलन की दृष्टि से संवेदनशील है। 5 फरवरी को ही लाहौल उपमंडल के सीमा क्षेत्र छीका के पास हिमस्खलन की चपेट में आने से तीन मजदूरों की दबकर मौत हो गई थी।
कुल्लू-किलाड़ रूट पर तीन महीने बाद दौड़ी बस
उधर, हिमाचल पथ परिवहन निगम की ओर से मंगलवार को तीन महीने बाद कुल्लू-किलाड़ रूट पर बस सेवा शुरू की गई। सर्दियों में बर्फ के चलते इस रूट पर बस सेवाएं बंद थी। लेकिन मंगलवार को निगम की बस कुल्लू बस अड्डे से रवाना हुई, मनाली, केलांग होते हुए बस किलाड़ पहुंची। निगम की बस शुरू होने से लोगों को राहत मिली है।
कुल्लू से बस सुबह 5:30 बजे चली। इसके बाद यह पर्यटन नगरी मनाली पहुंची। मनाली से सुबह 7:00 बजे केलांग की ओर इसे रवाना किया गया। सुबह 9:00 बजे बस केलांग से किलाड़ के लिए गई। रात्रि विश्राम के बाद किलाड़ से बुधवार सुबह 7:00 बजे बस कुल्लू के लिए आएगी।
एचआरटीसी केलांग डिपो के क्षेत्रीय प्रबंधक अंशित शर्मा ने कहा कि कुल्लू-किलाड़ रूट पर निगम की बस सेवा शुरू हो गई है। बस सेवा शुरू होने से चंबा जिला के किलाड़ की तरफ जाने वाले यात्रियों को सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि निगम द्वारा सड़कों की स्थिति को देखते हुए अन्य रूटों पर भी बसों का संचालन किया जाएगा।