कैसे फैलता है रोग
पछेती झुलसा रोग मौसम के कारण फैलता है। जब मौसम बहुत ज्यादा गर्म हो और अचानक ठंडा हो जाए और फिर से गर्म हो जाए तो यह रोग ज्यादा फैल जाता है। यह रोग कृमि नामक वायरस या अनेक प्रकार के कीटनाशकों के छिड़काव से भी ज्यादा फैल सकता है।
कैसे करें पहचान
पछेती झुलसा रोग की पहचान दूर से ही हो जाती है। इस रोग के कारण पौधे की पत्तीयां पिली पड़ जाती हैं। यह रोग पत्ते के नीचे से शुरू होता है और पौधे की जड़ तक फैल जाता है। इससे आलू का पौधा ग्रोथ नहीं कर पाता।
लू के पौधे अगर पिले पलना शुरू हो गए हैं तो किसानों को रिडोमिल गोल्ड एम जैड पाउडर का एक लिटर पानी के साथ ढाई ग्राम पाउडर मिलकर छिड़काव करें। ध्यान रखें कि जब मौसम अनुकूल हो या शाम को धूप ढलने के बाद ही इस कीटनाशक का छिड़काव करें। आलू में यह रोग एक दो पौधे में शुरू हुआ है तो वह डायथेन एम 45 कीटनाशक का छिड़काव कर लें।
पछेदा झुलसा रोग का खतरा बना आलू : भवानी
जिला कृषि अधिकारी मोहेंद्र सिंह भवानी ने बताया कि आलू में इन दिनों पछेती झुलसा रोग लगाना शुरू हो गया है। इस रोग का जल्द इलाज करना बहुत जरूरी है नहीं तो यह रोग आलू की पूरी खेती को नष्ट कर सकता है या आलू की पैदा वार कम हो सकती है।