मणिकर्ण के ब्रह्मगंगा नाले में बादल फटने से लापता 25 वर्षीय पूनम का शव 11 दिन बाद पंडोह डैम में बरामद हुआ है। शव की पहचान उसके परिजनों ने की है। परिजन 11 दिन से पार्वती नदी के किनारे लापता पूनम और उसके चार साल के बेटे निकुंज की तलाश कर रहे थे, लेकिन कामयाबी नहीं मिल रही थी। 28 जुलाई को सुबह ब्रह्मगंगा नाले में बादल फटने से आए सैलाब में पूनम अपने बेटे के साथ बह गई थी।
रविवार सुबह जब पंडोह डैम में शव को पानी में देखा गया तो इसकी सूचना पुलिस को दी गई। सूचना पाकर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को पानी से निकाला। इसके बाद विभिन्न थानों को शव मिलने की सूचना दी। जब शव मिलने की बात पूनम के परिजनों को मिली तो वे मौके पर पहुंचे। परिजनों ने पूनम के शव की पहचान की। पुलिस ने परिजनों के बयान भी दर्ज किए। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए मंडी अस्पताल पहुंचाया गया।
हालांकि, उसके चार साल के बेटे निकुंज का अभी तक कोई पता नहीं चल पाया है। इससे अब अन्य तीन लोगों के मिलने की उम्मीद जग गई है। इसमें गाजियाबाद की विनिता के साथ मणिकर्ण निवासी वीरेंद्र भी अभी लापता हैं। उधर, पुलिस अधीक्षक गुरदेव शर्मा ने कहा कि मणिकर्ण के बादल फटने से लापता एक महिला का शव मिला है। बादल फटने के बाद से लापता चल रहे तीन अन्य लोगों की तलाश जारी है।