फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

राजधानी में दिवाली पर इस बार कम रहा प्रदूषण का स्तर

Sat, 14 Nov 2015 10:34 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
विज्ञापन
विज्ञापन
राजधानी के लोगों में ग्रीन दिवाली के बढ़ते चलन से इस बार दिवाली के रोज हुए प्रदूषण का स्तर घटा है। इस बार जहां आम शहरी ने दिवाली के अगले रोज सुबह पर्यावरण में पटाखों से निकलने वाले धुएं को कम महसूस किया वहीं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की मशीनों ने भी आरएसपीएम (रेस्पिरेबल ससपेंडिड पार्टिकुलेट मैटर) कम दिखाया है। पिछली दिवाली के मुकाबले आरएसपीएम करीब 23 यूनिट घटा है।
विज्ञापन


ग्रीन दिवाली मनाने को लेकर फैली जागरूकता को ही इस कमी का मूल कारण माना जा रहा है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों में पिछले साल 2014 की दीवाली के रोज जहां आरएसपीएम लेवल (रेस्पिरेबल ससपेंडिड पार्टिकुलेट मैटर) 108.0 माइक्रो ग्राम पर मीटर क्यूब दर्ज किया था वहीं इस बार दिवाली को यह घटकर 85.62 दर्ज किया गया। राजधानी के बस अड्डे पर लगाए रेस्परेबल डस्ट सेंपलर में दर्ज इन आंकड़ों से साफ है कि राजधानी की जनता अब अपने पर्यावरण को बचाने के लिए गंभीर हो चुकी है। इसमें बच्चों की भूमिका को अहम माना जा रहा है।

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी एवं पर्यावरण अभियंता सुरेंद्र शांडिल ने माना कि सेंपलर में इस बार आरएसपीएम का स्तर करीब 23 यूनिट कम दर्ज किया है। उनका कहना है कि आरएसपीएम रेस्पिरेबल सस्पेंडिड पार्टिकुलेट मेटर से आंकलन किया जाता है कि क्षेत्र के पर्यावरण में मौजूद डस्ट पार्टिकल कितने हैं, जिन्हें मनुष्य अपने सांस के साथ अंदर लेता है।
विज्ञापन


उन्होंने माना कि इस बार पिछले वर्ष के मुकाबले दीवाली में पटाखों का कम फोड़ा जाना ही इसकी मुख्य वजह है। इसके कम होने से हर शहरी और खास तौर पर दमा के रोगियों को सांस लेना आसान होता है। कहा कि इस बार पर्यावरण में भी दिवाली के अगले रोज धुंध कम नजर आई, जिसे सभी ने महसूस किया है।
विज्ञापन


राजधानी में आरएसपीएम का स्तर
सामान्य दिन: 41.38 (माइक्रो ग्राम पर मीटर क्यूब)
24 अक्तूबर 2014 (दीवाली) : 108.0
11 नवंबर 2015(दीवाली): 85.62
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें