राजधानी शिमला में अगले हफ्ते से एचआरटीसी के टैंपो ट्रेवलर दौड़ना शुरू हो जाएंगे। परिवहन मंत्री जीएस बाली के आदेशों पर एचआरटीसी ने शिमला शहर के लिए चार वाहन खरीद लिए हैं। अगले हफ्ते यह वाहन शिमला पहुंच जाएंगे। पायलट प्रोजेक्ट के तहत पहले चरण में चार वाहनों खरीदे हैं। शहर में टैंपो ट्रेवलर का संचालन सफल रहने पर भविष्य में इनकी संख्या बढ़ाई जाएगी।
शिमला शहर में एचआरटीसी टैक्सी के स्थान पर टैंपो टेवलर का संचालन करने की योजना है। यह वाहन उन रूटों पर चलाए जाएंगे जहां एचआरटीसी टैक्सी में ओवरलोडिंग रहती है। लेकिन वाहनों का संचालन उन्हीं रूटों पर हो पाएगा जहां टैंपो ट्रेवलर चलाने के लिए सड़क पर्याप्त रूप से चौड़ी है। एचआरटीसी प्रबंधन सबसे पहले संजौली-आईजीएमसी रूट पर टैंपो ट्रेवलर का ट्रायल करेगा।
एचआरटीसी टैक्सियों की तर्ज पर इन वाहनों में भी विकलांगों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए सीटें रिजर्व रहेंगी। सीट खाली होने पर ही अन्य यात्री इन वाहनों में सफर कर सकेंगे। एचआरटीसी के क्षेत्रीय प्रबंधक देवासेन नेगी ने बताया कि परिवहन मंत्री की घोषणा के अनुसार शहर के उन रूटों पर जहां एचआरटीसी टैक्सी में ओवरलोडिंग रहती है टैंपो ट्रेवलर चलाने की तैयारी की जा रही है।
एचआरटीसी ने चार टैंपो ट्रेवलर खरीदे हैं। जो रूट फिजिवल होंगे उन पर इन्हें चलाया जाएगा। ओवरलोडिंग वाले रूटों पर एचआरटीसी टैक्सियों की जगह इन्हें रिप्लेस किया जाएगा।
- राम कुमार गौतम कार्यकारी निदेशक, एचआरटीसी
यह होगा गाड़ियों का किराया
दूरी========वरिष्ठ नागरिक=सामान्य
2 किमी तक====15=========20
2 से 4 किमी====20========30
4 से 6 किमी====25========40
एचआरटीसी के टैंपो ट्रेवलरों में वरिष्ठ नागरिकों के लिए सीटें रिजर्व रहेंगी। रोगियों, अपंगों और विशेष श्रेणी यात्रियों को सीटें उपलब्ध करवाने में प्राथमिकता दी जाएगी। जिस स्थान से गाड़ी का रूट शुरू होगा यदि वहां अधिक संख्या में वरिष्ठ नागरिक हैं तो टैक्सी में सिर्फ वरिष्ठ नागरिक ही सफर करेंगे, अन्यों को गाड़ी में नहीं बैठाया जाएगा।
राजधानी में एचआरटीसी के टैंपो ट्रेवलर सुबह आठ बजे से रात आठ बजे तक चलेंगे। फिलहाल सर्दियों में सुबह आठ से रात सात बजे तक गाड़ियों का संचालन किया जाएगा।
एचआरटीसी के ट्रेवलर में यात्रियों से मनमाने किराये की वसूली नहीं हो सकेगी। यात्रियों को ईटीएम (इलेक्ट्रॉनिक टिकटिंग मशीन) से टिकट दिए जाएंगे।
एचआरटीसी के ट्रेवलर जीपीएस (ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम) से लैस होंगे। जीपीएस की मदद से निगम के अधिकारी वाहनों पर नजर रख सकेंगे।
टैंपो ट्रेवलरों की अधिकतर रफ्तार 20 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित की है। गाड़ियों में सफर करने वालों और सड़क पर चलने वाले लोगों की सुरक्षा के मद्देनजर गाड़ी के लिए गति सीमा निर्धारित की है।