हिमाचल प्रदेश कांग्रेस ने जयराम सरकार के चार साल के कार्यकाल के जश्न का विरोध किया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर की अगुवाई में सोमवार को प्रदेश भाजपा सरकार के चार साल की विफलताओं के खिलाफ एक ज्ञापन राज्यपाल को सौंपा गया। प्रदेशाध्यक्ष राठौर ने राजीव भवन में प्रेस सम्मेलन में कहा कि ज्ञापन में सरकार के चार साल की विफलताओं के साथ-साथ भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान भाजपा सरकार ने किसी भी वायदे को पूरा नहीं किया है। बढ़ती महंगाई के साथ कोरोना काल में पर्यटन, परिवहन, शिक्षा के क्षेत्र बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। इस दिशा में सरकार ने न तो कोई ध्यान ही दिया और न ही कोई राहत ही दी। युवाओं को बेरोजगारी से जूझना पड़ रहा है। सरकारी मशीनरी और धन का भी दुरुपयोग किया। कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा कर रह गई है।
नशे का कारोबार बढ़ता जा रहा है। राठौर ने कहा कि ज्ञापन में इन्वेस्टर्स मीट की विफ लता को लेकर करोड़ों रुपये खर्च करने और अब दूसरे दौर में 28,197 करोड़ के निवेश को भी लोगों की आंखों में धूल झोंकने जैसा है। औद्योगिक विकास के लिए कोई भी केंद्रीय पैकेज लाने में विफ ल रही है। सरकार रेल विस्तार और हवाई संपर्क बढ़ाने में भी असफ ल रही है। बागवानी का 1134 करोड़ का प्रोजेक्ट पूर्व कांग्रेस सरकार ने लाया था, उसे स्थापित करने में भी सरकार नाकाम रही है। इस दौरान उनके साथ शिमला जिला कांग्रेस अध्यक्ष शहरी जितेंद्र चौधरी, ग्रामीण के अध्यक्ष यशवंत सिंह छाजटा, प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष जैनब चंदेल सहित पार्टी के अन्य कई पदाधिकारी मौजूद रहे।
ज्ञापन में ये लगाए भ्रष्टाचार के आरोप
कांग्रेस ने जयराम सरकार पर आरोप लगाया है कि भू घोटाला, एक मंत्री के परिवार पर 400 कनाल भूमि खरीद का मामला, स्वास्थ्य उपकरणों में खरीद घोटाला, दवा खरीद घोटाला, सैनिटाइजर घोटाला और पीपीई खरीद घोटाला के आरोप लगाए हैं। इसके अतिरिक्त किसान सम्मान निधि में घोटाला, जंगल, माइनिंग, शराब, टेंडर, सरकारी नौकरियों को बेचना, नकली और घटिया दवाओं के माफिया को संरक्षण जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
पीएम मोदी ने लोगों को फिर किया निराश
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रदेश के लोगों को एक बार फिर निराश किया है। सेपु बड़ी और कचौरी व्यंजन की तारीफ करने के साथ केंद्रीय योजनाओं के नाम गिना कर प्रधानमंत्री वापस चले गए। जिन योजनाओं की प्रधानमंत्री ने आधारशिला रखी है, वह सब पूर्व कांग्रेस की योजनाएं थीं। राठौर ने कहा कि डबल इंजन सरकार का दावा करने वाले प्रधानमंत्री ने कोई भी ऐसी घोषणा या सौगात प्रदेश को नहीं दी, जिससे प्रदेश की बिगड़ती आर्थिक स्थिति सुधारने को बल मिलता। प्रदेश 65 हजार करोड़ से ऊपर के कर्ज में डूब गया है।