एचआरटीसी बसों में पुलिस कर्मचारी मुफ्त सफर नहीं कर पाएंगे। पुलिस कर्मचारियों को बसों में सफर करने के लिए टिकट लेना होगा।
पुलिस कर्मियों को निगम की बसों में मुफ्त सफर सुविधा को लेकर एचआरटीसी प्रबंधन नियमों में बदलाव करने जा रहा है। इसे लेकर निगम प्रबंधन ने प्रस्ताव तैयार करने की कवायद शुरू कर दी है। प्रस्ताव को मंजूरी के लिए प्रदेश सरकार को भेजा जाएगा।
एचआरटीसी बसों में पुलिस कर्मियों को मुफ्त सफर की सुविधा के दुरुपयोग को रोकने के लिए एचआरटीसी प्रबंधन कड़े कदम उठाने जा रहा है।
पुलिस कर्मी सुविधा का कर रहे हैं दुरूपयोग
निगम प्रबंधन का मानना है कि पुलिस कर्मी इस सुविधा का भारी दुरुपयोग कर रहे हैं जिसके कारण एचआरटीसी को करोड़ों का वित्तीय नुकसान उठाना पड़ रहा है।
मुफ्त सफर के लिए बनाए गए नियमों को ताक पर रख कर पुलिस कर्मी न सिर्फ घर से ड्यूटी आने जाने के लिए बल्कि परिवार सहित भी बिना किराये चुकाए सफर कर रहे हैं।
इसके अतिरिक्त कार्यालयों में तैनात पुलिस कर्मी भी मुफ्त सफर की सुविधा का दुरुपयोग कर रहे हैं। एचआरटीसी प्रबंधन प्रदेश सरकार से मांग उठाने जा रहा है कि पुलिस कर्मी बसों में टिकट लेकर सफर करें, और पुलिस विभाग कंडक्टर की ओर से जारी टिकट दिखाने के बाद संबंधित कर्मचारी को किराया रिफंड करे।
एचआरटीसी का दावा है कि ऐसा करने से न सिर्फ एचआरटीसी को करोड़ों की आय होगी बल्कि सरकारी पैसे का दुरुपयोग भी रुकेगा।
प्राइवेट बसों में जबरन चलाया जा रहा आईकार्ड
कुछ पुलिस कर्मचारी निजी बसों में भी किराया नहीं देते। पुलिस कर्मियों की ओर से निजी बसों में किराया न देने को लेकर कोई प्रावधान नहीं है।
अगर कंडक्टर किराया मांगे तो बस का चालान करने की धमकी दी जाती है। लिफ्ट लेने के नाम पर कुछ पुलिस कर्मी टैक्सियों में भी मुफ्त सफर का मौका नहीं छोड़ते। चालान के डर से टैक्सी चालकों को भी अपना काम छोड़ कर मुफ्त में पुलिस कर्मियों की चाकरी करनी पड़ती है।
कार्यकारी निदेशक एचआरटीसी रामकुमार गौतम ने बताया कि एचआरटीसी बसों में मुफ्त सफर की सुविधा का दुरुपयोग रोकने के लिए नियमों में बदलाव की आवश्यकता है। इसे लेकर एचआरटीसी प्रस्ताव तैयार कर रहा है। प्रस्ताव को मंजूरी के लिए प्रदेश सरकार को भेजा जाएगा।