अमर उजाला फाउंडेशन की अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति योजना ने होनहारों के सपनों को पंख लगा दिए हैं। यह योजना मेधावी छात्रों के लिए आसमान छूने की प्रेरणा बन गई है।
ये कड़ी मेहनत और अमर उजाला के सहयोग से कैरियर को नई दिशा देना चाहते हैं। छात्रवृत्ति पाकर कोई डॉक्टर, कोई आईएएस अफसर तो कोई अंतरिक्ष वैज्ञानिक बनना चाहता है।
मेधावी छात्रों ने कहा कि अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति परीक्षा से भविष्य में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने का अनुभव मिला है। साथ ही अमर उजाला की इस मुहिम से जरूरतमंद बच्चों का भविष्य संवर सकता है।
साक्षी बनेगी डॉक्टर
अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से 2 नवंबर 2014 को ली गई अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति परीक्षा में सिरमौर से नौवीं की छात्रा साक्षी शर्मा पुत्री ब्रह्मनंद शर्मा ने छात्रवृत्ति प्राप्त करने का गौरव हासिल किया है।
रविवार को अमर उजाला से बातचीत में साक्षी ने कहा कि वह डॉक्टर बनना चाहती हैं। साक्षी शर्मा ने बताया कि जब वह मात्र ढाई वर्ष की थीं तो उनकी माता मीरा देवी का अकस्मात निधन हो गया था।
इस दौरान भाई सौरभ शर्मा मात्र 13 दिन का था। पिता ने भाई-बहन की बड़े लाड-प्यार से परवरिश की। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय परिजनों, अध्यापकों एवं शुभचिंतकों को दिया।
इससे पूर्व साक्षी ने छठी, सातवीं एवं आठवीं कक्षा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण की थी। साक्षी ने बताया कि उसने अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति परीक्षा को कड़ी मेहनत की थी। उन्होंने अमर उजाला का आभार जताया। साथ ही कहा कि इस आर्थिक सहायता से जरूरतमंद छात्रों को बेहतर शिक्षा पाने का अवसर मिलेगा।
इंजीनियर बनेंगे अनुश
कुल्लू जिले के काहुधार निवासी अनिल शर्मा के घर जन्में अनुश को जैसे ही अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति परीक्षा पास करने का समाचार मिला तो वह खुशी से झूम उठे। उनकी इस उपलब्धि को लेकर माता-पिता ने उनका मुंह मीठा करवाया।
अनुश के पिता अनिल शर्मा कुल्लू में एलआईसी में एडवाइजर हैं, जबकि माता चित्रलेखा शर्मा अध्यापिका हैं। अनुश इस समय सीनियर सेकेंडरी स्कूल भुंतर में 11वीं कक्षा के छात्र हैं।
अनुश ने बताया कि वह इंजीनियर बनना चाहते हैं। इसके लिए अभी से उन्होंने तैयारियां शुरू कर दी हैं। अनुश और माता-पिता ने अमर उजाला का अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति परीक्षा के लिए धन्यवाद किया है।
किसान की बेटी संवारेगी भविष्य
हमीरपुर उपमंडल बड़सर के हारमाह बल्याह गांव की कोमल शर्मा डाक्टर बनना चाहती हैं। कड़ी मेहनत के बल पर ही कोमल ने अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति परीक्षा उत्तीर्ण की है।
उनके परिवार में खुशी की लहर है। किसान परिवार से संबंध रखने वाली कोमल शर्मा बचपन से काफी मेहनती हैं। दसवीं नब्बे फीसदी अंकों के साथ उत्तीर्ण की है।
वर्तमान में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला गारली में साइंस विषय में जमा एक कर रही हैं। कोमल ने कहा कि अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति परीक्षा से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने का अनुभव मिला है।
पिता कुलदीप चंद शर्मा खेतीबाड़ी करते हैं, जबकि माता गृहिणी हैं। कोमल ने बताया कि अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति परीक्षा को उत्तीर्ण करने में अध्यापकों और माता-पिता के साथ हेडमास्टर रतन चंद का काफी सहयोग रहा। स्कूल स्तर पर चार बार साइंस फेयर स्पर्धा में अव्वल प्रदर्शन किया।
अंतरिक्ष वैज्ञानिक बनेंगे यश
अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति परीक्षा पास करने का यह पल मुझे हमेशा याद रहेगा। इससे एस्ट्रोनोटिक इंजीनियर बनने का सपना पूरा करने को ताकत मिली है। यह बात ब्वॉयज सीनियर सेकेंडरी स्कूल शिमला में 11वीं के छात्र यश धीमान ने कही।
वह अंतरिक्ष वैज्ञानिक बनना चाहते हैं और कल्पना चावला को अपना आदर्श मानते हैं। उन्होंने दसवीं तक पढ़े विषयों की तैयारी की थी। पिता तिलकराज धीमान और माता मीना धीमान बेटे की उपलब्धि पर खुश हैं।
उन्होंने अमर उजाला फाउंडेशन का आभार जताया। पिता प्राइवेट जॉब करते हैं, जबकि माता गृहिणी हैं। लालपानी स्कूल के 11वीं नॉन मेडिकल के छात्र हैं। उसने जीवन में स्पेस साइंटिस्ट बनने का लक्ष्य रखा है।
यश का कहना है कि अमर उजाला की यह छात्रवृत्ति उसे हमेशा और मेहनत कर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी। जमा दो में अच्छे अंक लेकर अच्छे इंजीनियरिंग कॉलेज में प्रवेश पाना चाहते हैं।
हार्ट स्पेशलिस्ट बनेंगी दिव्या
अमर उजाला फाउंडेशन की अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति परीक्षा में जिला मंडी से मॉडल इंस्टीट्यूट आफ एजूकेशन देवधार की दसवीं की छात्रा दिव्या का चयन हुआ है। छात्रवृत्ति परीक्षा में बेटी के चयन से परिवार में खुशी का माहौल है।
दिव्या का सपना हृदयरोग विशेषज्ञ बनना है। दिव्या ने अमर उजाला फाउंडेशन की इस पहल की सराहना की। कहा कि छात्रवृत्ति मिलने से उन्हें अपने मुकाम तक पहुंचने को पढ़ाई में मदद मिलेगी। दिव्या का सपना हार्ट स्पेशलिस्ट बनना है।
बेटी की इस उपलब्धि से मां कमलेश, दादा दिवान चंद काफी खुश हैं। दिव्या ने सफलता का श्रेय अध्यापकों और अपने मामा राजीव कुमार को दिया। दिव्या कहती हैं कि छात्रवृत्ति परीक्षा के बारे में मामा राजीव कुमार ने सूचना दी और फार्म भरने को कहा था।
यशवंत अब बन सकेंगे अफसर
अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति परीक्षा पास करने वाले कुल्लू जिले यशवंत जोशी बेहद खुश हैं। बंजार के पुजारली स्कूल में नौवीं कक्षा के छात्र यशवंत प्रशासनिक अधिकारी बनने का सपना पाले हुए हैं।
भुईतोकरी गांव में टेक सिंह के घर जन्में यशवंत के पिता बिजली बोर्ड में तैनात हैं। माता वीना देवी आंगनबाड़ी में हेल्पर के पद पर तैनात हैं। परीक्षा पास करने की सूचना मिलते ही यशवंत की खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
परिजनों ने भी बेटे की उपलब्धि पर खुशी जताई है। यशवंत ने बताया कि उन्होंने यह परीक्षा पास करने को अपने सिलेबस को ही दोहराया और भाषाओं पर जोर दिया। कहा कि उसका लक्ष्य प्रशासनिक अधिकारी बनना है।
ऑटोमोबाइल इंजीनियर बनेंगे अभिनव
अमर उजाला फाउंडेशन की अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति परीक्षा में सेलेक्ट होने वाले कांगड़ा थुरल निवासी अभिनव के सपनों को मानों उड़ान मिल गई है।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला थुरल के जमा दो के छात्र अभिनव के गांव कोतवाल लाहड़ पंचायत वटाहण में खुशी का माहौल है। बेटे के चयन पर परिवार फूले नहीं समा रहा है।
अभिनव ने बताया कि वह खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति परीक्षा में चयन से उनके जीवन को नई दिशा मिली है। वह ऑटोमोबाइल में इंजीनियर बनना चाहते हैं।
समाजसेवा में भी हाथ बंटाना चाहते हैं। परिजनों ने अमर उजाला फाउंडेशन की यह पहल की सराहना की है। उन्होंने कहा कि इस मुहिम से मेधावी और जरूरतमंद बच्चों का भविष्य संवर सकता है। अभिनव के पिता चैन लाल, मां सुमन लता, भाई केतन कुमार और बहन अंकिता बेहद खुश हैं।
संजय कुमार को मिली नई दिशा
अमर उजाला फाउंडेशन की अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति परीक्षा पास करने वाले बिलासपुर झंडूता के संजय कुमार आईएएस अफसर बनना चाहते हैं। माता-पिता के आशीर्वाद को उन्होंने अपनी कामयाबी का श्रेय दिया।
शिक्षकों के मार्गदर्शन को भी मददगार बताया। संजय कुमार झंडूता तहसील के पोली गांव के रहने वाले हैं। संजय ने कहा कि अमर उजाला समाज की खामियों और कुरीतियों को दूर करने में भी अहम भूमिका निभा रहा है।
अमर उजाला ने उन्हें एक प्लेटफार्म दिया। उन्होंने मेहनत की और वह रंग लाई। आज वह छात्रवृत्ति के हकदार बन गए हैं। अखबार में अपने बेटे का नाम देख वह फूले नहीं समाए।
भाई ने उसे इसकी जानकारी दी। चंडीगढ़ गए संजय ने दूरभाष पर कहा कि छात्रवृत्ति परीक्षा करवाकर छात्रों को मंच प्रदान करने के लिए अमर उजाला का थैंक्स।