सोशल मीडिया पर व्यक्तिगत जानकारी साझा करने से बचें
पोर्टमोर स्कूल में पुलिस की पाठशाला में थाना प्रभारी ने छात्राओं को दिए टिप्स
अनजान व्यक्ति के साथ शेयर न करें फोटो और वीडियो
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी शिमला के कन्या वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल पोर्टमोर में जमा एक कक्षा की छात्राओं के लिए अमर उजाला फाउंडेशन और महिला पुलिस थाना के सहयोग से पुलिस की पाठशाला का आयोजन किया गया।
महिला थाना प्रभारी (इंस्पेक्टर) ज्योति रघुवंशी ने छात्राओं को सोशल मीडिया का सुरक्षित तरीके से इस्तेमाल करने की सलाह दी। रघुवंशी ने कहा कि सोशल मीडिया में अपनी निजी जानकारी साझा न करें। यदि आपके नाम का फर्जी फेसबुक अकाउंट खुलता है तो तुरंत पुलिस के पास शिकायत करें। साथ ही कम से कम दस दोस्तों को इस फर्जी अकाउंट को रिपोर्ट करने को कहें। दस लोगों द्वारा ऐसे अकाउंट को रिपोर्ट करने ये अपने आप डिएक्टिवेट हो जाता है। व्हाट्सएप पर अनजान व्यक्ति के साथ फोटो और वीडियो शेयर न करें। वीडियो कॉल करते वक्त खास सावधानी बरतें। वीडियो कॉल रिकार्ड हो सकती है। इसके अलावा फोन पर आने वाली लॉटरी, इनाम मिलने की कॉल पर कोई जवाब न दें। उपप्रधानाचार्य मनोरमा नेगी ने थाना प्रभारी का स्वागत किया और महत्वपूर्ण जानकारी देने के लिए आभार जताया।
सोशल मीडिया पर कोई स्टॉक करे तो क्या करें
छात्रा टीना और शिखा ठाकुर ने पूछा कि सोशल मीडिया पर कोई पीछा करे तो उसे कैसे रोका जा सकता है। थाना प्रभारी ज्योति रघुवंशी ने बताया कि ऐसे लोगों को ब्लैक लिस्ट करें। इसके बावजूद यदि कोई जबरदस्ती कमेंट करता तो थाने में शिकायत करें।
पुलिस वाला ही करे छेड़खानी तो क्यों करें
एक छात्रा ने सवाल किया कि यदि रिश्तेदार ही छेड़खानी करे तो क्या करें। वहीं सपना ने सवाल किया कि पुलिस वाला ही छेड़खानी करने लगे तो फिर कहां जाकर शिकायत करें। थाना प्रभारी ने कहा कि कानून सबके लिए बराबर है, इनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई होगी।
पुलिस अफसर कैसे बनें
छात्रा आरची ने थाना प्रभारी से पूछा कि पुलिस अफसर कैसे बनें, अपना अनुभव बताएं। इस पर प्रभारी ने अपनी चयन प्रक्रिया से लेकर इंस्पेक्टर बनने तक की पूरी जानकारी छात्राओं को दी।
ओवरलोड बसों में भी स्कूल
आते वक्त होती है छेड़खानी
निजी बसों के कुछ कंडक्टरों पर लगाया आरोप
अतिरिक्त बसें चलाने की छात्राओं ने उठाई मांग
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। कन्या वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल पोर्टमोर में आयोजित पुलिस की पाठशाला में एक संगीन मामला भी उठा। छात्राओं ने कहा कि स्कूल आते वक्त बसों में छेड़खानी होती है। इसमें शरारती तत्वों के अलावा कुछ निजी बसों के परिचालक भी शामिल हैं।
बसों में सुबह और शाम के वक्त भारी भीड़ होती है जिसका शरारती तत्व फायदा उठाने की कोशिश करते हैं। महिला थाना प्रभारी से आरची, पलक, तमन्ना, शिवानी और कुमकुम ने भीड़ वाली बसों में होने वाली छेड़खानी की घटनाओं को रोकने की मांग की।
छात्राओं ने कहा कि बसों में ओवरलोडिंग कम करवाई जाए। स्कूल के समय अतिरिक्त बसें चलवाने की व्यवस्था करें।
बसों में पुलिस को सादी वर्दी में तैनात करें ताकि छेड़खानी की घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके। छात्राओं ने आरोप लगाया कि निजी बसों के कंडक्टर भी किसी न किसी बहाने से छेड़खानी करते हैं। इस पर थाना प्रभारी ने कहा कि वह ऐसे मामलों की शिकायत करें और बस नंबर बताएं। चेकिंग के लिए अतिरिक्त स्टाफ की आवश्यकता होगी तो वह पुलिस अधीक्षक से इस मामले को उठाएंगी।