हिमाचल प्रदेश चंबा जिला भरमौर के एलहमी जंगल में हुए अवैध कटान में जंगल काटने वालों के साथ-साथ इस कटान की सीडी बनाने वाला भी गिरफ्तार हुआ है। जांच में पता चला है कि पूरा खेल बीजेपी के नेता ने वन मंत्री ठाकुर सिंह भरमौरी से बदला लेने के लिए रचा था।
चंबा भाजपा के पदाधिकारी मांगणी राम पर साजिश रचने का आरोप पुलिस ने लगाया है। मांगणी राम होली से संबंध रखते हैं। पुलिस के सामने जंगल काटने की बात कबूल करने वाले जैसी राम ने बताया है कि मांगणी राम के साथ हुए सौदे के बाद ही उसने ये सब किया।
वन निगम का ठेकेदार रहा मांगणी राम उसके खिलाफ हुई कार्रवाई का बदला वन मंत्री भरमौरी से लेना चाहता था। इस घटना में सूखे पेड़ों की जगह सैकड़ों हरे दरख्त काटे गए थे।
भरमौरी की कुर्सी खतरे में पड़ गई थी
घटना सामने आने के बाद शीतकालीन सत्र में वन मंत्री ठाकुर सिंह भरमौरी की कुर्सी संकट में आ गई थी। जंगल काटने वाले जैसी राम ने 11 दिसंबर को अमर उजाला से बातचीत में उस समय ये कहानी बताई थी, जब उसे पुलिस तलाश रही थी।
12 दिसंबर के अंक में ये सारा प्रकरण प्रकाशित हुआ था। लेकिन अब राजनीतिक साजिश का सारा खेल बेपर्दा हो गया है। हालांकि तब मांगणी राम ने इस सारे मामले को अपने खिलाफ एक साजिश बताते हुए कहा था कि उसे फंसाया जा रहा है।
12 लोग हो चुके हैं गिरफ्तार
इस केस में अब तक कुल 12 लोग गिरफ्तार हुए हैं, जिन्हें कोर्ट ने मंगलवार तक पुलिस रिमांड पर भेजा है। पुलिस ने इस केस में वन सरंक्षण अधिनियम की धारा 33, भारतीय दंड संहिता की धारा 379, 120बी, भ्रष्टाचार निरोधक कानून की धारा 13-2 और स्पेशिफिक करप्ट प्रेक्टिसिस एक्ट की धारा 14 जैसी संगीन धाराएं लगाई हैं।
नहीं हो पाई है सीडी और हैंडीकैम की रिकवरी
अब तक रिमांड में मांगणी राम ने ये बात कबूली है कि उसने ही सीडी बनाई थी। लेकिन हैंडीकैम जिससे सीडी बनाई गई और सीडी की कॉपी नहीं दी है, हम रिकवरी की कोशिश कर रहे हैं।
जंगल काटने में लगाई गई लेबर और उस व्यक्ति ने मांगणी राम के खिलाफ बयान दिए हैं, जिसके घर पर जंगल काटने को लेकर जैसी राम और मांगणी के बीच बात हुई थी।
कुछ और तथ्य भी हैं, जो अभी सार्वजनिक नहीं किए जा सकते। - वीर बहादुर सिंह, डीएसपी हेडक्वार्टर भरमौर
भाजपा पदाधिकारी मांगणी राम पर साजिश रचने का आरोप
सूत्रों का कहना है कि पुलिस के लिए वो डिवाइस ज्यादा जरूरी है, जिससे सीडी बनाई गई। मांगणी राम से यदि सीडी मिल भी जाए, तो इसके मिलान के लिए पुलिस विधानसभा रिकार्ड से सीडी उपलब्ध करवाने का आग्रह कर सकती है।
लेकिन विधानसभा के सचिव एसएस वर्मा ने बताया कि ये सीडी रिकार्ड का हिस्सा नहीं है। शीतकालीन सत्र में भाजपा विधायक रविंद्र रवि ने ये सीडी सदन में रखी थी। उन्होंने ये कहते हुए इसे मीडिया को भी जारी किया था कि ये उन्होंने बनाई है।