नेशनल बुक ट्रस्ट और हिमाचल कला, संस्कृति एवं भाषा अकादमी की ओर से गेयटी थिएटर में लगाए पुस्तक मेले के आखिरी दिन कवि गोष्ठी करवाई गई।
सबसे पहले कविता पाठ के लिए वयोवृद्ध लेखक नरवीर लांबा को आमंत्रित किया गया। उन्होंने अपनी कविता की पंक्तियों से सबकी वाहवाही लूटी।
कवि-संपादक मधुकर भारती ने श्रेयजलसर शीर्षक से कविता पढ़ी। नई कोंपलों अंशुमन कुठियाला और कौशल मोंगटा ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं। जगतप्रसाद शास्त्री, वेदप्रकाश ने भी कविता सुनाई, जबकि सुमितराज वशिष्ठ, सतीश ‘रत्न’ और रजनीकांत शर्मा ने भी रचनाएं पढ़ीं।
केके वैद्य, डॉ. कुलराजीव पंत ने सत्यनारायण स्नेही, गुप्तेश्वर नाथ उपाध्याय, अश्विनी गर्ग, भूप रंजन, निर्मल चंदेल, ब्रह्मानंद देवरानी, वंदना राणा और उमा ठाकुर ने कविताएं पढ़ीं। अध्यक्ष मंडल में शामिल वरिष्ठ कवि अनिल राकेशी और सीआरबी ललित ने भी कुछ रचनाएं प्रस्तुत कीं।
भाषा निदेशक डॉ. अरुण कुमार शर्मा और आयोजनकर्ताओं में प्रमुखता से शामिल डॉ. कर्म सिंह ने राज्य भर के विभिन्न विधाओं में सृजनरत वरिष्ठ लेखकों, आलोचकों को एक मंच पर इकट्ठा किया। उधर, हिमाचल मूल के कथाकारों एसआर हरनोट और राजकुमार राकेश की हाल ही में आई किताबों की खासी बिक्री हुई।