उन्होंने कहा कि हिमाचल वीरभूमि है। यहां के लोग शांत हैं। यहां शांति की कोख से ही अक्षुण्ण वीरता पैदा होती है। मोदी ने कहा कि कांगड़ी धाम बहुत याद आती है। कांगड़ी धाम के बारे में मोदी ने अनोखे अंदाज में जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उन्हें कांगड़ी धाम याद है।
इसमें माश, चने की दाल, मदरा और रंगीन चावल बहुत जायकेदार होते हैं। लोकसभा का हाउस चला हुआ है। इसी में जाने की जल्दी में कांगड़ी धाम न खाने का अफसोस रह गया है। इस पर पंडाल में बैठी हजारों लोगों ने खूब तालियां बजाईं और मोदी-मोदी के नारे लगाना शुरू कर दिए।
मोदी ने धौलाधार की पहाड़ियों की खूबसूरती की बात की, मगर धुंध होने के कारण उन्होंने कहा कि आज यह ठीक से नजर नहीं आ रही है। धर्मशाला में इस रैली के खत्म होने के बाद धर्मशाला की इस धौलाधार पहाड़ी पर बर्फ गिरी। रैली के समय जहां से ये पहाड़ियां पहले गिरी बर्फ पिघलने के कारण चमक खोए थीं, वहीं रैली के बाद ताजा बर्फ की चादर बिछ गई।
कांगड़ी धाम न खा पाने का अफसोस : मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि यहां कांगड़ी धाम खाने का सुनहरा अवसर था, लेकिन समय के अभाव के चलते उन्हें बिना कांगड़ी धाम खाए बिना ही दिल्ली लौटना पड़ रहा है। इसका उन्हें अफसोस रहेगा।