जिला कुल्लू में प्लम का सीजन शुरू होने वाला है, लेकिन फसल को बाहरी राज्यों में भेजने और आढ़तियों के आने को लेकर अभी कोई प्रयास नजर नहीं आ रहे हैं। जिले में दो सप्ताह बाद प्लम का सीजन शुरू होगा। अभी तक सरकार ने फसल को राज्य से बाहर भेजने के लिए कोई ठोस नीति नहीं बनाई है। जिला समेत मंडी, शिमला, सोलन और रामपुर के प्लम उत्पादक फसल को लेकर खासे चिंतित हैं।
अगर बाहरी व्यापारी नहीं आए और देश के अन्य राज्यों के लिए सप्लाई ठप रही तो बागवानों को नुकसान झेलना पड़ेगा। बागवानों का कहना है कि सरकार इसके लिए गंभीरता से पहल करे। जिला कुल्लू में वर्तमान में 11 हजार हेक्टेयर भूमि पर सभी तरह के प्लम की पैदावार हो रही है। बताया जा रहा है कि अभी मंडियों में सरकार की ओर कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं। बाहरी राज्यों के व्यापारी, वारदाना, मजदूर, परिवहन व्यवस्था जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए धरातल पर प्रयास नहीं हो रहे हैं।
निचले क्षेत्र में सीजन कुछ दिनों में आरंभ होगा। बागवान अमित, देवराज नेगी, प्रमोद सिंह, सुरेश पुजारी, चमन ठाकुर, अखिल ठाकुर, रितेश ठाकुर, सुन्नू ठाकुर ने कहा कि सीजन को लेकर कोई प्लान तैयार नहीं किया गया है। बागवानों को उनकी किस्मत पर छोड़ा जा रहा है।
बंदरोल सब्जी सब्जी मंडी में आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान मोहन ठाकुर ने कहा कि उपायुक्त के साथ बैठक हुई है। बाहरी राज्यों के आढ़तियों की सूची भी दे दी है, लेकिन अभी कुछ खास नहीं हो पाया है। उधर, फलोत्पादक मंडल के अध्यक्ष प्रेम शर्मा ने कहा कि इस बाबत जिलाधीश और एमडी एपीएमसी के साथ बातचीत हुई है, लेकिन आश्वासन ही मिला है। धरातल पर अभी कुछ नहीं हुआ है। सरकार को समय पर तमाम इंतजाम करने चाहिए।