याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ताओं ने अदालत इस अधिसूचना पर अंतरिम रोक लगाने की मांग की थी। अदालत से आग्रह किया कि 6 सितंबर 2025 की अधिसूचना को फिलहाल स्थगित तो कर दिया है लेकिन इसे अभी तक वापस नहीं लिया गया है। ऐसे में यह संभावना बनी हुई है कि किसी भी समय इस अधिसूचना को लागू किया जा सकता है, जिससे याचिकाकर्ताओं को नुकसान हो सकता है। इस पर प्रदेश सरकार की ओर से पेश अतिरिक्त महाधिवक्ता ने अदालत को बताया कि संबंधित अधिसूचना को फिलहाल स्थगित रखा गया है। इसलिए इस स्तर पर किसी भी अंतरिम आदेश की आवश्यकता नहीं है। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद खंडपीठ ने इस स्तर पर कोई अंतरिम आदेश पारित नहीं करने का फैसला किया।