कच्चीघाटी में भवन के मलबे से कुछ साबुत मिला सामान ले गए फ्लैट मालिक
क्रॉसर
दो दिन बाद मिली सामान निकालने की अनुमति
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। शहर की कच्चीघाटी में जमीन धंसने से मलबे में बदल चुके घरौंदों के मालिकों को अब भी कुछ साबुत बचने की आस है। इसी उम्मीद के साथ मलबे के ढेर में कुछ लोग शनिवार को अपना सामान तलाशतेे नजर आए।
उम्मीदें बहुत थी लेकिन हाथ आया तो टूटा फूटा सामान। कुछ एक को बर्तन सही हालत में मिले जिसे वह अपने साथ ले गए। कच्चीघाटी में दो दिन पहले जमीन धंसने से एक सात मंजिला भवन जमींदोज हो गया था। इसके साथ दो अन्य भवन भी तबाह हो गए थे। शहर के कच्चीघाटी इलाके में जमींदोज हुए भवन में रहने वाले फ्लैट मालिक शनिवार को एसडीएम की अनुमति के बाद पुलिस जवानों के साथ मलबे के बीच पहुंचे और अपना सामान तलाशने लगे।
मौके पर पहुंचे अधिकारियों से इन लोगों ने मांग की कि मलबे में काफी सामान ऊपर पड़ा है। इसे बचाया जा सकता है। प्रशासन ने अपने जोखिम पर यह सामान निकालने की अनुमति दी। इसके बाद फ्लैट मालिकों ने मलबे के ऊपर पड़ा सामान निकाला। हालांकि, ज्यादातर फर्नीचर और दूसरा सामान टूट चुका है लेकिन कुछ सामान ऐसा है जो अभी इस्तेमाल हो सकता है। प्रशासन ने बिना मलबा हटाए इसके ऊपर और किनारे पर पड़े सामान को जुटाने की अनुमति दी है। प्रशासन ने मौके पर हो रहे भूस्खलन को रोकने के लिए तिरपाल लगा रखा है। दोपहर के समय नगर निगम आयुक्त आशीष कोहली भी मौके पर पहुंचे और मदद का भरोसा दिया।