सड़क संकरी होने से एक साथ दो-दो टैंपो ट्रेवलर के बीच कई लोग फंसे
अवैध तहबाजारियों के बैठने के कारण समस्या
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। आईजीएमसी में सोमवार को उपचार के लिए आए कई मरीज और तीमारदारों की जान कुछ देर के लिए जान हलक में अटक गई। मुख्य गेट के बाहर जैसे ही एक साथ दो-दो टैंपो ट्रेवलर आए तो सड़क जाम हो गई। इस बीच जब अस्पताल जाने वाले मरीज और तीमारदार गेट से अंदर जाने लगे तो वह दोनों गाड़ियों के बीच फंस गए।
टेंपो ट्रेवलर के पीछे आ रही एक निजी गाड़ी हल्की सी खड़े लोगों से टकरा गई। इस वजह से कई महिलाएं डर गईं। एकाएक जब यहां भीड़ बढ़ी तो गेट के बाहर ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मचारियों ने मौका संभाला और एक-एक कर गाड़ियों की आवाजाही सामान्य करवाया।
आईजीएमसी के मुख्य गेट के बाहर आए दिनों इस तरह की परेशानी आती है। इसके बावजूद प्रशासन इस परेशानी का हल नहीं निकाल पा रहा है। मेडिसन ओपीडी में मरीज को दिखाने के लिए ले जा रहे शिमला में सुदीप, पंकज और शिवानी सिंह ने बताया कि सड़क के दोनों ओर गाड़ियां खड़ी रहती हैं। इसके अलावा अवैध रूप से बैठे तहबाजारियों ने समस्या और विकराल बना दी है।
उन्होंने बताया कि रोजाना आ रही इस तरह की परेशानी का हल प्रशासन नहीं करता है। इसके अलावा हर समय से आवाजाही करने के दौरान किसी भी गाड़ी से टक्कर लगने का अंदेशा बना रहता है। प्रशासन को चाहिए कि वह अस्पताल में आ रही इस समस्या का समाधान करें। बता दें कि अस्पताल में औसतन तीन हजार के मरीज इसी मुख्य गेट से आवाजाही करते हैं। आपात स्थिति में आए मरीज भी इस दौरान काफी परेशान होते हैं।
स्टॉपेज बदलने की मांग
मरीजों और तीमारदारों ने मांग की कि टैंपों ट्रेवलर में सवारियां चढ़ाने और उतारने के लिए स्टॉपेज बदला जाए। एक ही जगह पर सवारियों को उतारने और चढ़ाने की व्यवस्था न हो। इससे जाम की स्थिति नहीं बनेगी।
एक कोने में खड़ी होती है निजी एंबुलेंस
अस्पताल के मुख्य गेट से लेकर स्नोडन पंप हाउस के एक किनारे निजी एंबुलेंस खड़ी रहती है। सुबह से शाम तक इनके खड़े रहने के कारण जाम लगता है। इस कारण संकरी सड़क पर गाड़ियों की आवाजाही करना मुश्किल हो जाता है।