अलगाववादी समूह सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे) के प्रमुख गुरपतवंत सिंह पन्नू ने हिमाचल प्रदेश सरकार के लिए फिर धमकी भरा ऑडियो संदेश जारी किया। इसमें पन्नू चेतावनी देते हुए कह रहा है कि मोहाली स्थित पंजाब पुलिस के इंटेलिजेंस विंग के हेडक्वार्टर में किए गए रॉकेट हमले से मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर सबक लें। यह हमला शिमला मुख्यालय में भी हो सकता था। पन्नू ने सिख समुदाय को न भड़कने की सीएम को सलाह दी है। गौर हो कि पन्नू ने हिमाचल प्रदेश में 6 जून को खालिस्तान जनमत संग्रह मतदान की घोषणा कर रखी है। सरकार को इसमें बाधा न पहुंचाने के लिए भी चेताया है। गत रविवार को धर्मशाला के तपोवन स्थित विधानसभा परिसर में खालिस्तान के झंडे लगाने और धमकी भरे ऑडियो संदेश की जांच-पड़ताल करने के लिए प्रदेश पुलिस का विशेष जांच दल (एसआईटी) दिल्ली और पंजाब गया है।
प्रदेश पुलिस ने रविवार को उसके खिलाफ गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम की धारा 13 और आईपीसी की धारा 153ए और 153बी के अलावा धारा 3 के तहत मामला भी दर्ज किया है। अब सरकार शीघ्र कानूनी प्रक्रिया के अनुसार पन्नू के खिलाफ आरोप पत्र तैयार करके अदालत में पेश करेगी। राज्य पुलिस मुख्यालय ने सोमवार को इंटरपोल को पत्र लिखकर भी पन्नू के बारे में जानकारी मांगी है। जुन्गा लैब में की गई जांच में भी धमकी भरे ऑडियो संदेश में आवाज पन्नू की पाई गई है। यह तथ्य भी सामने आया है कि संदेश यूएसए से एक वेब एप्लीकेशन का उपयोग करते हुए प्रेषित किए गए थे।
तीन दिन बाद भी एसआईटी के हाथ खाली
वहीं, तपोवन विधानसभा भवन के मुख्य गेट व दीवार पर बीते रविवार को खालिस्तानी झंडे लगाने के मामले में जांच कर रही एसआईटी के हाथ अभी खाली हैं। मामले को सुलझाने के लिए डीआईजी संतोष पटियाल की अध्यक्षता में गठित की गई एसआईटी को अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है। बताया जा रहा है कि एसआईटी ने विधानसभा रोड के साथ लगते भवनों में लगे सीसीटीवी कैमरों को भी खंगाला है, लेकिन कुछ हाथ नहीं लगा है। दूसरी ओर विधानसभा गेट पर झंडे लगने के बाद परिसर के दोनों प्रवेश द्वारों पर पुलिस जवानों को तैनात कर दिया गया है। जिला की सीमाओं को भी सील किया गया है और हर आने-जाने वाली गाड़ियों की चेकिंग की जा रही है। एसआईटी अध्यक्ष डीआईजी संतोष पटियाल से इस मामले में बात करनी चाही तो उन्होंने फोन ही नहीं उठाया।