प्रतिवादी को 30 दिन के भीतर भुगतान करने के आदेश
साल 2021 में शिमला-सोलन हाईवे पर तारादेवी का मामला संवाद न्यूज एजेंसी शिमला। मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (एमएसीटी) शिमला ने सड़क हादसे में एक 25 वर्षीय युवक की मौत के बाद उसकी मां को 14.41 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है।
न्यायाधीश अजय मेहता की अदालत ने यह फैसला सुनाते हुए बीमाकर्ता न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी लिमिटेड को निर्देश दिया है कि वह यह राशि याचिका दाखिल करने की तारीख से 7.5 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित 30 दिन के भीतर अदा करें। मामला वर्ष 2021 का है, शिमला ग्रामीण निवासी मुकेश की सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी। मुकेश पेशे से वेल्डर था और छत डिजाइनिंग का कार्य करता था। एक नवंबर 2021 को वह अपने चचेरे भाई रोहित के साथ नई कार खरीदने के लिए गोयल मोटर्स मारुति सुजुकी शोरूम गया था। औपचारिकताएं पूरी करने के दौरान दोनों नाश्ता करने सड़क किनारे दुकान पर पहुंचे तभी शिमला-सोलन हाईवे पर एक बाइक की चपेट में आने से मुकेश गंभीर रूप से घायल हो गया। इसे आईजीएमसी में भर्ती कराया गया लेकिन उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। पुलिस ने बाइक चालक के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने का मामला दर्ज किया था। दुर्घटना के बाद मृतक की मां भावना देवी ने न्यायालय में मुआवजे की याचिका दायर की थी। अदालत ने याचिका स्वीकार करते हुए 14,41,100 का मुआवजा देने का आदेश जारी किया। साथ ही आदेश दिया कि यह राशि दो वर्षों के लिए किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में एफडीआर के रूप में निवेश की जाए।