सेवानिवृत्त प्रिंसिपल जगदीश कौशल को पुनर्नियुक्ति देते हुए उपनिदेशक निरीक्षण विंग के पद का कार्यभार सौंपा है। प्रदेश शिक्षा विभाग के अतिरिक्त सचिव विनीत कपूर ने पुनर्नियुक्ति की अधिसूचना जारी की है।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के गृह जिले में दो अधिकारियों को पुनर्नियुक्त किया गया है। शिक्षा विभाग के निरीक्षण विंग में तैनात प्रिंसिपल जगदीश कौशल की 31 मार्च दोपहर को सेवानिवृत्ति हुई। शाम को उन्हें एक साल के लिए पुनर्नियुक्त किया गया। खास बात यह है कि जगदीश कौशल के सेवानिवृत्ति समारोह में मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार सुनील शर्मा बिट्टू विशेष रूप से शामिल हुए।
उन्होंने जगदीश कौशल को सेवानिवृत्ति पर शुभकामनाएं भी दीं। पिछले तीन साल से प्रधानाचार्य पद पर तैनात जगदीश हमीरपुर शिक्षा विभाग के निरीक्षण विंग में उपनिदेशक का कामकाज संभाल रहे थे। उपनिदेशक निरीक्षण विंग का पद भाजपा सरकार के समय से खाली है। पूर्व में अजय पटियाल उपनिदेशक के पद पर सेवाएं दे चुके हैं। उनके जाने के बाद यह पद खाली है।
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सुक्खू सरकार ने भी नियमित तौर पर उपनिदेशक पद भरने के बजाय सेवानिवृत्त प्रिंसिपल जगदीश कौशल को पुनर्नियुक्ति देते हुए उपनिदेशक निरीक्षण विंग के पद का कार्यभार सौंपा है। प्रदेश शिक्षा विभाग के अतिरिक्त सचिव विनीत कपूर ने पुनर्नियुक्ति की अधिसूचना जारी की है। साथ ही सरकार ने राज्य मेडिकल एजूकेशन में निदेशक के पद से सेवानिवृत्त डॉ. रमेश भारती को हमीरपुर स्थित डॉ. राधाकृष्णन राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य पद पर पुनर्नियुक्ति की अधिसूचना जारी की है।
हालांकि, यह एक तरह की पदावनति (डिमोशन) है, क्योंकि निदेशक का पद प्रधानाचार्य से ऊंचा होता है, इस पद पर डॉ. रमेश भारती थे। प्रदेशभर के कर्मचारियों में इस तरह के पुनर्नियुक्ति का विरोध हो रहा है, लेकिन खुलकर सार्वजनिक मंच से सरकार के खिलाफ बोलने को कोई भी कर्मचारी या अधिकारी संघ तैयार नहीं है।