मंडी जिले के झांगी गांव की युवा वैज्ञानिक पूनम शर्मा ने अमेरिका की एक यूनिवर्सिटी में शोध कार्य से कामयाबी का लोहा मनवाया है। पूनम को वनस्पति विज्ञान में बतौर वैज्ञानिक शोध के लिए ऑक्सलाहोमा स्टेट यूनिविर्सिटी (ओएसयू) से पौधों के रोगों के परीक्षण को कारगर बनाने के लिए अनुदान भी मिला है।
यूनाईटेड स्टेट ऑफ अमेरिका (यूएसए) में स्थित ओक्लाहोमा स्टेट यूनिवर्सिटी के इंस्टीट्यूट ऑफ बायोसिक्योरिटी एंड माइक्रोबियल फोरेंसिक (आईबीएमएफ) के वैज्ञानिक एक राष्ट्रीय परियोजना का नेतृत्व कर रहे हैं, जो पौधों के रोगजनकों के लिए अधिक कुशल नैदानिक प्रथाओं को बनाने की दिशा में तैयार हैं।
इस प्रोजेक्ट में काम कर रहीं शोधकर्ता और सहायक प्रोफेसर पूनम शर्मा ने कहा कि पौधे के रोगजनक के लिए गलत निदान मिलने या पौधे के रोगजनक के लिए परीक्षण नहीं होने से कृषि व्यवसाय पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। यूएसए की कृषि जैव सुरक्षा विश्वसनीय नैदानिक परीक्षण पर निर्भर करती है। यदि आपके पास एक मान्य परीक्षण नहीं है तो रोग को नियंत्रित करने के लिए सटीक निदान करना मुश्किल है।
यह खाद्य सुरक्षा के लिए जोखिम बन जाता है। पूनम ने इस परीक्षण को अपने शोध से कारगर बनाया है। पूनम की शिक्षा पुणे विश्वविद्यालय से एमएससी और फ्रांस से डॉक्टरेट (पीएचडी) करने के बाद वह अमेरिका के कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय में बतौर वैज्ञानिक कार्यरत हैं।
यहां इस बड़े प्रोजेक्ट में कार्य करने का अवसर मिला है। पूनम की इस उपलब्धि से पैतृक गांव झंगी और मामा के गांव सरी में खुशी का माहौल है। पूनम के पिता जीपी शर्मा सेवानिवृत्त कर्नल हैं और माता शीला शर्मा गृहिणी हैं। पूनम के पड़नाना मोलक राज शर्मा अंग्रेजी हुकूमत के समय तहसीलदार के पद पर रहे हैं।
उनके नाना भी खंड शिक्षा अधिकारी के पद पर रहे हैं। पूनम की शादी वाराणसी के सुशीम शर्मा से हुई है, वे अमेरिका में ही सेटल हैं। उनकी इस कामयाबी पर धर्मपुर के विधायक एवं जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर, भाजपा प्रदेश सह मीडिया प्रभारी रजत ठाकुर, संगीता मंडयाल, दीनानाथ शर्मा, व्यास देव शर्मा, एसडीएम धर्मपुर करतार चंद धीमान सहित अन्य लोगों ने उन्हें बधाई दी है।