परागपुर के गढ़ गांव के आदित्य पटियाल भी लेफ्टिनेंट बने हैं। आदित्य के पिता भी सीमा सुरक्षा बल में असिस्टेंट कमांडेंट के रूप में सेवाएं दे चुके हैं। आदित्य की दसवीं तक की शिक्षा सेक्रेड हार्ट स्कूल धर्मशाला में हुई। इन्होंने आईएमए देहरादून में प्रवेश पाया और पासिंग आउट परेड में हिस्सा लेकर लेफ्टिनेंट बने। आदित्य पटियाल अब 19 गढ़वाल राइफल में अपनी सेवाएं देंगे। आदित्य पटियाल के पिता वर्तमान में राजकीय महाविद्यालय ढलियारा में प्राचार्य के पद पर सेवाएं दे रहे हैं, जबकि माता कविता गृहिणी हैं।
शाहपुर के साथ लगते गांव हटली बल्ला तहसील सिहूंता जिला चंबा के सौरभ अवस्थी आईएमए देहरादून से पास आउट होकर रविवार को घर पहुंचे। सौरभ अवस्थी के दादा भी सेना से सेवानिवृत्त हुए थे। इनके पिता सुशील अवस्थी सेना में कैंटीन कांट्रेक्टर का कार्य कर चुके हैं। माता शशि अवस्थी गृहिणी हैं।
सौरभ अवस्थी की प्रारंभिक शिक्षा मेरठ से हुई और इन्होंने जीएवी पब्लिक स्कूल कांगड़ा से प्लस टू की शिक्षा ग्रहण की। मन में जज्बा देश सेवा का था। एनडीए की परीक्षा पास की और इंडियन मिलिट्री एकेडमी (आईएमए) देहरादून में दाखिल हुए।
पालमपुर के घुग्घर के युवक अंशुमन ठाकुर ने सेना में लेफ्टिनेंट पद हासिल किया है। अंशुमन ने जमा दो के बाद भारतीय रक्षा अकादमी खडग़वासला पुणे में तीन वर्ष और उसके भारतीय सैन्य अकादमी देहरादून में एक साल के प्रशिक्षण के बाद पासिंग आउट परेड में यह पद हासिल किया। अंशुमन के दादा टेक सिंह ठाकुर रेलवे से रिटायर अधिकारी हैं।
पिता सुरेंद्र ठाकुर वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला जिया में प्रधानाचार्य पद पर तैनात हैं और माता शैली अध्यापिका हैं। अंशुमन के नाना मिलाप चंद मिन्हास और नानी उषा मिन्हास भी शिक्षा विभाग से सेवानिवृत्त हैं। उनका शुरू से ही सेना मे जाने का शौक था। अंशुमन ने सफलता का श्रेय शिक्षकों और परिजनों को दिया है।
उपमंडल देहरा के गांव बनखंडी के लछूं गांव के शुभम डडवाल भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बने हैं। लेफ्टिनेंट बनने के बाद शुभम डडवाल की पोस्टिंग जोधपुर में हुई है। इन्होंने प्रारंभिक शिक्षा डीएवी बनखंडी, 10वीं सैनिक स्कूल जोधपुर और 12वीं जीएवी पब्लिक स्कूल कांगड़ा से पास की। वह वर्ष 2012 में सेना में भर्ती हो गए।
इस दौरान एसीसी कमीशन पास करके और चार वर्ष की ट्रेनिंग के बाद वह लेफ्टिनेंट बने हैं। शुभम डडवाल के पिता दलबीर डडवाल सेना से नायब सूबेदार पद से सेवानिवृत्त हुए हैं, जबकि मां राज कुमारी गृहिणी हैं।
कांगड़ा जिले की पंचायत भुआणा के वार्ड पांच लोअर भुआणा के शुभम वालिया सेना में लेफ्टिनेंट बने हैं। मध्यवर्गीय परिवार के शुभम के सेना में अफसर बनने पर इलाके में खुशी की लहर है। शुभम ने सेना में अफसर बन कर दादा स्व. संतराम, पिता मनोज वालिया और माता मधु वालिया के सपने को पूरा कर दिया है।
सुमित शर्मा परिजनों के साथ।
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उपमंडल के नांज गांव निवासी सुमित शर्मा भारतीय सैन्य अकादमी देहरादून में पासआउट होकर बतौर लेफ्टिनेंट पद पर तैनात हुए हैं। सुमित की प्रारंभिक शिक्षा सेंट जेवियर स्कूल शिमला और केंद्रीय विद्यालय शिमला से हुई है। जमा दो की पढ़ाई केंद्रीय विद्यालय मसूरी से पूरी करने के बाद उन्होंने एनडीए की परीक्षा उत्तीर्ण की।
राष्ट्रीय डिफेंस अकादमी पुणे से तीन साल का प्रशिक्षण पूरा करने के बाद देहरादून में एक वर्ष तक फाइनल प्रशिक्षण पूरा किया। शनिवार को पासिंग आउट परेशान में भाग लेने पर उन्हें लेफ्टिनेंट पद हासिल हुआ है। सुमित के पिता हेमराज शर्मा आईटीबीपी से सेवानिवृत्त हुए हैं जबकि माता अनिता शर्मा गृहिणी है। सुमित ने अपनी कामयाबी का श्रेय अपने माता-पिता, पूरे परिवार और क्षेत्रवासियों को दिया है।
हिमाचल के मंडी जिले की ग्राम पंचायत खड़ीहार के कनोग निवासी शैलेश चंदेल पुत्र रूप लाल चंदेल सेना में लेफ्टिनेंट बने हैं। इससे क्षेत्र में खुशी है। पासिंग आउट परेड में माता-पिता और परिजन शामिल नहीं हो सके। शैलेश चंदेल की पढ़ाई केंद्रीय विद्यालय में हुई। शैलेश की माता गृहिणी है और पिता सेना से सूबेदार मेजर के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। बहन शिवाली जॉब कर रही हैं। शैलेश टीईएस-37 में भर्ती होकर अब ईएमई में सेवाएं देगा।