एनएसयूआई ने राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन, छात्रों का निष्कासन रद्द करने का किया आग्रह
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की एनएसयूआई इकाई ने प्रदेश सरकार से विवि में पीएचडी में बिना परीक्षा दिए प्रवेश की जांच करवाने की मांग की है। इसके साथ एनएसयूआई के तीन छात्र नेताओं को निष्कासित करने का आग्रह भी किया है।
एनएसयूआई के प्रतिनिधिमंडल ने इन मांगों को लेकर वीरवार को राज्यपाल से मुलाकात की। एनएसयूआई के प्रदेशाध्यक्ष छत्तर सिंह ठाकुर की अगुवाई में मिले प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल और विवि के कुलाधिपति को ज्ञापन सौंपे। एनएसयूआई ने राज्यपाल को सौंपे मांगपत्र में पुस्तकालय तथा छात्रावासों को खुला रखने, छात्र नेताओं का निष्कासन वापस लेने की मांग की है। इसके साथ छत्तर सिंह ठाकुर ने विवि में कुलपति के बेटे को बिना प्रवेश परीक्षा के पीएचडी में दाखिला देने के मामले की भी जांच करवाने की मांग की।
ठाकुर ने कहा कि छात्रों की मांगों को उठाने वाले छात्र नेताओं का निष्कासन दुर्भाग्यपूर्ण है। कुलपति के खिलाफ आवाज उठाने वालों को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एनएसयूआई गांधीवादी विचार के साथ चलती है तथा शांतिपूर्वक शैक्षणिक माहौल चाहती है। कुलपति राजनीतिक द्वेष भावना के साथ और तानाशाह की तरह कार्य कर रहे हैं। छत्तर ने राज्यपाल से कहा कि परिसर में हिंसा फैलाने वालों पर कोई कार्रवाई नहीं होती लेकिन छात्रों की मांग उठाने पर सीधे निष्कासन किया जाता है। राज्यपाल ने उनकी पूरी बात सुनने के बाद आश्वासन दिया कि वह इस मामले में स्वयं हस्तक्षेप करेंगे और छात्र नेताओं के निष्कासन रद्द करवाने का प्रयास करेंगे।