लेप्रोस्कोपिक तकनीक से होते हैं यह ऑपरेशन, गंभीर मरीजों के होते रहेंगे ऑपरेशन
अस्पताल में रोजाना होते हैं करीब 12 ऑपरेशन
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) में कोरोना के बढ़ते मामलों के चलते पथरी के ऑपरेशन बंद कर दिए हैं। चिकित्सकों के मुताबिक इन ऑपरेशन को आगे सरकाया जा सकता है। इसलिए कोरोना के बीच में मरीजों को खतरे में नहीं डाला सकता।
आईजीएमसी में गॉल ब्लेडर पथरी के अधिकतर ऑपरेशन लेप्रोस्कोपिक तकनीक से होते हैं। लेकिन अब यह ऑपरेशन फिलहाल नहीं होंगे। स्थिति सामान्य होते ही ऑपरेशन फिर शुरू कर दिए जाएंगे। पथरी के गंभीर मरीजों के ऑपरेशन होते रहेंगे।
प्रशासनिक अधिकारी डॉ. राहुल गुप्ता ने बताया कि अभी गंभीर बीमारी वाले ऑपरेशनों को ही तवज्जो दी जा रही है। आईजीएमसी में रोजाना दर्जनों मरीज गॉल ब्लेडर स्टोन के आते हैं। यह ऑपरेशन आधे घंटे में हो जाता है। रोजाना करीब 12 ऑपरेशन पथरी के अस्पताल में किए जाते हैं। लेकिन अब इन्हें कुछ दिन के लिए बंद कर दिया है।
आईजीएमसी में हर रोज कोरोना के मामले आ रहे हैं। इसमें डॉक्टर और नर्सें भी शामिल हैं। सौ से अधिक कर्र्मचारी अभी तक संक्रमित हो चुके हैं। इसलिए अस्पताल प्रबंधन नहीं चाहता कि संक्रमण का दायरा और बढ़े। आईजीएमसी में प्रदेशभर से मरीज उपचार करवाने आते हैं, इसलिए यहां भीड़ भी अधिक रहती है। अस्पताल प्रबंधन ने लोगों से भी आग्रह किया है कि छोटी मोटी बीमारी का उपचार अपने वार्डों के सीएचसी या पीएचसी में ही करवा लें। भीड़ वाली जगहों में जाने से बचें।
आईजीएमसी में 67 मरीज दाखिल
आईजीएमसी में अभी कोरोना के 67 मरीज दाखिल हैं। प्रशासनिक अधिकारी डॉ. राहुल गुप्ता ने बताया कि इस बार कोई भी मरीज वेंटिलेटर पर नहीं है। इस माह कोरोना से दस मौतें हुई हैं।