दलाईलामा को नोबेल शांति पुरस्कार मिलने की 25वीं वर्षगांठ और महात्मा गांधी जयंती पर मुख्य बौद्ध मंदिर मैकलोडगंज में निर्वासित तिब्बत सरकार की ओर से आयोजित सम्मान समारोह में विशेष अतिथि नोबेल पुरस्कार विजेता जोडी विलियम्स ने कहा कि हमारा विरोध नोबेल शांति शिखर सम्मेलन के मेजबान देश दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ नहीं था। यह चीन के खिलाफ विरोध का संदेश था। दक्षिण अफ्रीका की सरकार के खिलाफ विरोध का संदेश इतना ही था कि उसने अपनी आत्मा और संप्रुभता बेच दी।
हम दलाईलामा और तिब्बती लोगों के के साथ दृढ़ता के साथ खड़े रहेंगे। नोबेल विजेता शिरिन इबादी ने कहा कि विश्व भर के लोगों ने दलाईलामा से बहुत कुछ सीखा है। हमें उम्मीद है कि ऐसा जशभन हम तिब्बत में भी मनाएंगे। दलाईलामा से विश्व ने प्यार और करुणा सीखी है। हमें आशा है कि चीन की सरकार भी दलाईलामा से यह सीखेगी।