परिवहन निगम से सेवानिवृत्त कर्मचारियों को समय पर पेंशन नहीं मिल रही है। इसका कारण निगम के पेंशन ट्रस्ट में पैसा न होना है। आठ महीने से स्थिति और भी गंभीर हो गई है। अब पेंशनरों को एक महीने देरी से पेंशन दी जा रही है।
बड़ी बात ये है कि जो कर्मचारी एक साल पहले निगम से सेवानिवृत्त हुए हैं, उन्हें अभी तक ग्रेच्यूटी, लीव इन कैशमेंट का लाभ नहीं दिया गया है। इनमें ढाई सौ ऐसे सेवानिवृत्ति कर्मचारी हैं, जिनके अभी कागजात ही तैयार नहीं हैं।
निगम कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन देने के लिए उनकी बेसिक पे से 10 फीसदी राशि को इस ट्रस्ट में डाला जाता है। 2003 से पहले परिवहन निगम में 8000 कर्मचारी होते थे। इनकी बेसिक पे से ये राशि काटी जा रही थी।
अब निगम से 4000 कर्मचारी सेवानिवृत्त हो चुके हैं। अब जो पेंशन ट्रस्ट में पैसा जा रहा है वह केवल 4000 कर्मचारियों के बेसिक पे से ही काटा जा रहा है। इससे ट्रस्ट में पैसा जमा नहीं हो रहा है। प्रबंधन का मानना है कि 2003 के बाद नियुक्त हुए कर्मचारी का पीएफ काटा जा रहा है, ऐसे में उनकी तनख्वाह से राशि नहीं काटी जा सकती है।
एचआरटीसी की संयुक्त समन्वय समिति ने कई बार इस मामले को निगम प्रबंधन के समक्ष उठाया है लेकिन प्रबंधन की ओर से समिति को सिर्फ आश्वासन ही दिया जा रहा है। तकनीकी कर्मचारी संगठन के अध्यक्ष राजेंद्र ठाकुर ने बताया कि सरकार इस पेंशन ट्रस्ट को अपने अधीन ले ताकि कर्मचारियों को पेंशन समय पर मिलती रहे।