47 किलोमीटर कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन का ग्रीन फील्ड में निर्माण कार्य पूरा करने के लिए एनएचएआई (नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया) सर्वोच्च न्यायालय पहुंचा है। फोरलेन के निर्माण की डेडलाइन 2023 है, लेकिन पर्यावरण मंत्रालय की शर्तों के चलते इसका कार्य अभी तक शुरू नहीं हो पाया है।
कैंचीमोड़ से हिमाचल प्रदेश के सुंदरनगर के भवाणा तक 47 किलोमीटर कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन का ग्रीन फील्ड में निर्माण कार्य पूरा करने के लिए एनएचएआई (नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया) सर्वोच्च न्यायालय पहुंचा है। 1942 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले इस फोरलेन के निर्माण की डेडलाइन 2023 है, लेकिन पर्यावरण मंत्रालय की शर्तों के चलते इसका कार्य अभी तक शुरू नहीं हो पाया है।
विज्ञापन
समय पर कार्य पूरा हो सके, इसके लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने सर्वोच्च न्यायालय का रुख किया है। पर्यावरण मंत्रालय ने साल 2020 में अनियमितताओं के चलते इस फोरलेन के निर्माण को बंद करने के आदेश जारी किए थे। एनएचएआई ने केंद्र सरकार की मंजूरी के बिना ही इस फोरलेन की अप्रूव्ड रोड अलाइनमेंट में बदलाव किए थे। इसकी शिकायत फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति ने पर्यावरण मंत्रालय को दी थी।
वहीं, मंत्रालय की ओर कई बार राज्य सरकार और एनएचआई से इस पर रिपोर्ट भी तलब की गई, लेकिन कोई जवाब न मिलने पर मंत्रालय ने वन अधिनियम एक्ट की अवहेलना का हवाला देते हुए इस फोरलेन के कार्य को पूरी तरह बंद करने के आदेश 25 जून 2020 को जारी किए थे। पर्यावरण मंत्रालय ने पांच अतिरिक्त शर्तें फोरलेन का कार्य शुरू करने के लिए रखी हैं, जिसकी प्रक्रिया लंबी है। एनएचएआई ने अभी तक पांच में से एक शर्त पूरी की है। चार शर्तें बाकी हैं। दूसरी तरफ पर्यावरण मंत्रालय के एकीकृत क्षेत्रीय कार्यालय शिमला ने साफ किया है कि जब तक शर्तों की अनुपालना नहीं होगी, तब तक इसके निर्माण की अनुमति नहीं दी जाएगी।
विज्ञापन
स्वारघाट के कैंचीमोड़ से सुंदरनगर के भवाणा तक ग्रीन फील्ड में 47 किलोमीटर फोरलेन का निर्माण होना है। इसे पूरा करने की डेडलाइन 2023 है। निर्माण कार्य शुरू करने के लिए एनएचएआई सर्वोच्च न्यायालय गई है, इस बारे में अभी कोई जानकारी नहीं है। - नवीन मिश्रा, परियोजना निदेशक