चंबा जिले में मानवता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। रविवार सुबह छह बजे कंपकंपाती ठंड के बीच नए बस स्टैंड के पास एक घर के दरवाजे के बाहर प्लास्टिक टब में किसी ने नवजात बच्ची को रोता-बिलखता छोड़ दिया। बच्ची जब जोर-जोर से रोने लगी तो घर वाले बाहर निकले। इसकी सूचना तुरंत पुलिस और चाइल्ड लाइन को दी। बच्ची को मेडिकल कॉलेज चंबा पहुंचाया गया। यहां चिकित्सकों ने बच्ची की जांच करके उसे अस्पताल में भर्ती कर लिया।
बच्ची स्वस्थ बताई जा रही है। पुलिस टीम नवजात को छोड़ने वालों की तलाश में जुट गई है। अगर बच्ची का जन्म सरकारी या निजी अस्पताल में हुआ है तो उसका वहां पर रिकॉर्ड दर्ज होगा। इसके जरिये पुलिस उसकी मां तक पहुंच सकती है। अगर बच्ची का जन्म घर में हुआ तो उसके बारे में पता लगाने के लिए पुलिस को कसरत करनी पड़ सकती है।
सूचना मिलते ही चाइल्ड लाइन के साथ बाल संरक्षण इकाई और बाल कल्याण समिति के अधिकारी भी अस्पताल पहुंचे। बच्ची को अस्पताल में सुरक्षित पहुंचाने के बाद उन्होंने पुलिस थाना चंबा में इसकी एफआईआर दर्ज करवाई। बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष अंजना कुमारी ने बताया कि बच्ची की सुरक्षा को लेकर पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं। बच्ची के बिल्कुल स्वस्थ होने पर उसे शिशु गृह शिमला में भेजने की व्यवस्था की जाएगी।
पुलिस अधीक्षक अरुल कुमार ने बताया कि नवजात को छोड़ने वाले अज्ञात व्यक्ति की तलाश की जा रही है। जल्द ही उसे ढूंढ लिया जाएगा। इसके लिए पुलिस पूरी मुस्तैदी से कार्य कर रही है।
जिलाधीश डीसी राणा ने बताया कि नवजात को इस तरह मरने के लिए छोड़ना अपराध है। इसकी जांच करने के लिए पुलिस को आदेश दिए हैं। दोषी को पकड़कर उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।