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हिमाचल में एक खेल का एक ही होगा संघ, नेता हिट विकेट

Sat, 28 Aug 2021 12:25 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, शिमला

सार

 एक जनवरी 2020 को युवा सेवाएं एवं खेल विभाग ने नई खेल नीति के ड्राफ्ट को अधिसूचित किया था। बीते दो साल से फाइलों में घूम रही नई खेल नीति अब लागू होने की कगार पर पहुंच गई है।
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खिलाड़ी(फाइल)
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश में दो माह में लागू होने जा रही नई खेल नीति में सरकार ने कई नए प्रावधान किए हैं। अब प्रदेश में एक खेल का एक ही संघ होगा। अब तक खेल के नाम पर राजनीति चमकाने वाले नेता हिट विकेट होने वाले हैं। एक खेल के नाम पर दो संघ बनाने की व्यवस्था इस नीति के लागू होने के बाद नहीं चलेगी। निष्क्रिय खेल संघों पर भी नई खेल नीति शिकंजा कसेगी। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर नाम रोशन करने वाले प्रदेश के खिलाड़ियों को दी जाने वाली इनाम राशि भी बढ़ेगी। कई नए पुरस्कार भी शुरू होंगे। खिलाड़ियों की डाइट मनी भी सरकार दोगुना करेगी।

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ग्रामीण स्तर पर खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए इंडोर स्टेडियम बनेंगे। प्रतिभाओं को तलाशने के लिए विशेष अभियान चलेंगे। अनुराग ठाकुर के केंद्रीय खेल मंत्री बनने के बाद से प्रदेश सरकार को खेलों के क्षेत्र में प्रदेश को प्राथमिकता मिलने की आस है। अब वित्त महकमे की मंजूरी मिलते ही नई नीति को मंत्रिमंडल की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। वर्ष 2019 से नई खेल नीति बन रही है। एक जनवरी 2020 को युवा सेवाएं एवं खेल विभाग ने नई खेल नीति के ड्राफ्ट को अधिसूचित किया था। बीते दो साल से फाइलों में घूम रही नई खेल नीति अब लागू होने की कगार पर पहुंच गई है।

19 साल पुरानी खेल नीति को बदलेगी सरकार
साल 2001 में प्रदेश की खेल नीति बनाई गई थी। बीते कई वर्षों से नई नीति बनाने के प्रयास जारी रहे। अब जयराम सरकार ने 19 साल बाद खेल नीति 2020 तैयार की है। हिमाचल की नई खेल नीति में पहली बार दिव्यांगों की खेलों के साथ साहसिक खेलों को शामिल किया गया है। राज्य अभिमन्यु अवार्ड, राज्य गुरू वशिष्ठ अवार्ड और अवार्ड फार दिव्यांग भी शुरू किए जाना प्रस्तावित है।
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प्रदेश में बनाएंगे स्पोर्ट्स म्यूजियम और लाइब्रेरी
खेल नीति 2020 में प्रदेश में स्पोर्ट्स म्यूजियम और लाइब्रेरी भी बनाई जाएगी। भाषा एवं संस्कृति और पर्यटन विभाग के साथ मिलकर स्पोर्ट्स म्यूजियम बनाया जाएगा। इसमें खेल गतिविधियों से जुड़े प्रदेश के इतिहास, बेहतरीन खिलाड़ियों की जानकारी मुहैया करवाई जाएगी। स्पोर्ट्स लाइब्रेरी में खेल से जुड़ी अलग-अलग तरह की लिखित सामग्री और ओलंपिक स्पोर्ट्स की किताबें उपलब्ध करवाई जाएंगी।

साइना नेहवाल सकोह में बनाएंगी बैडमिंटन अकादमी
इंटरनेशनल बैडमिंटन अकादमी के लिए बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल को कांगड़ा जिले के सकोह के पास भूमि दी जाएगी। साइना नेहवाल ने अकादमी बनाने के लिए सरकार के पास आवेदन किया है। अकादमी के बनने से प्रदेश के खिलाड़ियों को बैडमिंटन में प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा।

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 क्या-क्या है नई खेल नीति में

1. नई खेल नीति में खेल संघों को मजबूत करने के लिए कई प्रावधान किए गए हैं। एक खेल के लिए एक ही संघ बनाने का इसमें सबसे बड़ा प्रावधान है। निष्क्रिय हुए खेल संघों की मान्यता रद्द करने का भी इसमें प्रावधान है। 
2. ओलंपिक, एशियन और कॉमनवेल्थ खेलों के पदक विजेता को पेंशन दी जाएगी। अर्जुन अवार्ड, ध्यानचंद अवार्ड और राजीव गांधी खेल रत्न प्राप्त अवार्डियों को मासिक वेतन दिया जाएगा। 
3. गांवों से शहरों तक नए स्टेडियम बनाए जाएंगे। स्पोर्ट्स ट्रेनिंग डेस्टिनेशन बनाने के लिए 58 करोड़ का प्रस्ताव है।
4. खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी में तीन फीसदी आरक्षण देने और एथलीट को घायल होने पर एक लाख का बीमा कवर देने का प्रावधान भी किया गया है। 
5. खेल नीति 2020 में कुल्लू को ऐडवेंचर स्पोर्ट्स, सिरमौर और कांगड़ा को एथलेटिक्स और कबड्डी का हब बनाया जाएगा। 
6. स्कूलों में फिजिकल एजूकेशन और खेलों को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाने का प्रावधान भी किया गया है। 
7. राष्ट्रीय, राज्य, जिला और उपमंडल स्तर के एथलीटों को स्कूल-कॉलेजों की हाजिरी में भी विशेष छूट दी जाएगी।
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