युवाओं को ड्रोन प्रौद्यागिकी में दक्ष बनाने के साथ अब राज्य में नए युग के पाठ्यक्रम का समावेश भी किया जा रहा है। इस दिशा में जिला कांगड़ा के नगरोटा बगवां में राजीव गांधी राजकीय अभियांत्रिकी महाविद्यालय आर्टिफिशल इंटेलिजेंस और डाटा सांइस का नया महाविद्यालय, जिला शिमला के प्रगति नगर में अटल बिहारी वाजपेयी राजकीय अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान में सिविल इंजीनियरिंग डिग्री कोर्स, जिला मंडी के बहुतकनीकी संस्थान सुंदरनगर में कंप्यूटर सांइस एवं इंजीनियरिंग का डिप्लोमा कोर्स शुरू करने को स्वीकृति प्रदान की है। इन पाठ्यक्रमों को शुरू करने के लिए आवश्यक स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित जाएगी। यह जानकारी शुक्रवार को प्रदेश सरकार के प्रवक्ता ने दी।
कहा कि एआई और डाटा सांइस क्षेत्र में वर्तमान में अपार संभावनाएं है। इन क्षेत्रों में युवाओं का कौशल उन्नयन कर उन्हें रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य में नवाचार संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से दो करोड़ रुपये के इनोवेशन फंड की स्थापना की जाएगी, जिसके माध्यम से प्रदेश के युवा अपनी नवाचार पहलों को साकार रूप प्रदान कर सकेंगे। जिला बिलासपुर के घुमारवीं में सार्वजनिक निजी भागीदारी व सैल्फ फाइनांसिंग आधार पर डिजिटल यूनिवर्सिटी ऑफ इनोवेशन, उद्यमिता, स्किल एंड वोकेशनल स्टडीज की स्थापना की जाएगी। इस यूनिवर्सिटी के माध्यम से युवाओं के नवाचार और इन्टरप्रेन्योरशिप स्किल को निखारा जाएगा। प्रदेश सरकार सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में युवाओं के लिए नवाचार और स्वरोजगार के नए द्वार खोल रही है। सरकार के इन प्रयासों से हिमाचल निश्चित रूप से देश का आईटी हब बनकर उभरेगा।