जोजिला दर्रा में तिरंगा फहराया
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हिमाचल प्रदेश में 72वें गणतंत्र दिवस पर पहली बार 11580 फीट ऊंचे जोजिला दर्रा पर तिरंगा फहराया गया। एशिया की सबसे लंबी 14.83 किमी जोजिला ट्रैफिक टनल का निर्माण कर रही राष्ट्रीय राजमार्ग और बुनियादी ढांचा विकास निगम (एनएचआईडीसी) ने टनल के उतरी छोर में गणतंत्र दिवस पर पहली बार तिरंगा फहराया। इस दौरान एनएचआईडीसी के निदेशक वीके रजावत भी मौजूद रहे। बर्फ से लकदक शून्य से 15 डिग्री नीचे तापमान में भी जोजिला टनल का निर्माण कार्य जारी है। एनएचआईडीसी दर्रा के नीचे भी जल्द सुरंग का निर्माण शुरू करने जा रहा है। टनल निर्माण में जुटे इंजीनियरों के साथ जोजिला दर्रा से सटे गांव के कुछ लोग भी गणतंत्र दिवस पर कार्यक्रम में शामिल हुए।
निदेशक वीके रजावत ने कहा कि जोजिला टनल लद्दाख को साल भर जम्मू-कश्मीर से जोड़े रखेगी। टनल निर्माण में करीब छह हजार करोड़ खर्च होने का अनुमान है। संस्थान के इंजीनियर और कामगार 11580 फीट की ऊंचाई पर जोजिला टनल निर्माण में जुटे हैं। हिमाचल को लद्दाख से जोड़ने वाली शिंकुला टनल का निर्माण भी एनएचआईडीसी के ही पास है। एनएचआईडीसी शिंकुला के अधिकारियों ने गणतंत्र दिवस पर केलांग में राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा सप्ताह मनाया। एजीएम अनिल ने बताया कि स्थानीय पुलिस की मदद से वाहन चालकों को रोड सेफ्टी के टिप्स दिए गए। कहा कि अटल टनल बनने के बाद घाटी में सर्दी के मौसम में भी ट्रैफिक बढ़ गया है। बर्फ से ढके सड़कों पर वाहन दौड़ाना बेहद जोखिम भरा हो गया है।
तिरंगे से सज कर शिमला से कालका रवाना हुई टॉय ट्रेन
शिमला रेलवे स्टेशन पर गणतंत्र दिवस धूमधाम से मनाया गया। इस मौके पर श्री सत्य साईं सेवा संगठन के सहयोग से शिमला रेलवे स्टेशन स्टाफ ने शिमला कालका टॉय ट्रेन कि तिरंगे झंडे और गुब्बारों से सजावट की और यात्रियों को फल और जूस बांटे। शिमला रेलवे स्टेशन के स्टेशन अधीक्षक प्रिंस सेठी ने बताया कि श्री सत्य सेवा साईं संगठन के सहयोग से आयोजित गणतंत्र दिवस कार्यक्त्रस्म के दौरान रेलवे स्टेशन के स्टाफ ने बढ़ चढ़कर भाग लिया।