विपक्ष के नेता और विधायक मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि कर्ज लेकर प्रदेश में बोर्ड और निगमों की चेयरमैन और वाईस चेयरमैन की फौज तैयार की जा रही है। भाजपा ने कर्ज मुक्त राज्य बनाने का नारा देकर वोट मांगे और अब विस सत्र के बाद ही 800 करोड़ रुपया कर्ज फिर से ले लिया, जो कुल 50 हजार करोड़ पहुंच गया है। अभी सरकार ने आगे भी कर्ज लेगी।
साल 2022 तक प्रदेश आर्थिक तौर पर दिवालिया घोषित हो जाएगा। लेकिन, सरकार की ठाठ-बाठ में कोई कमी नहीं की जा रही। आए दिन आलिशान गाड़ियां खरीदी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार पर कर्ज, आलिशान गाड़ियों की खरीद, एनएच के नाम पर ठगी, बेरोजगारी भत्ता बंद करने का मामला भी लोस चुनाव में उठाया जाएगा। अग्निहोत्री ने कहा कि जीएसटी कलेक्शन 36 फीसदी कम हुआ है, जबकि केंद्र सरकार से भी प्रदेश को सहायता नहीं मिल रही है।